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सोने में निवेश करने का शानदार मौका, 15 अक्टूबर से खुल जाएगा गवर्नमेंट साॅवरेन गोल्ड बाॅन्ड स्कीम

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) ने इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा कि फरवरी 2019 तक इसे पांच खेप में जारी किया जाएगा।
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Gold Bond

सोना में निवेश करने का शानदार मौका, 15 अक्टूबर से खुल जाएगा गर्वनमेंट साॅवरेन गोल्ड बाॅन्ड स्कीम

नर्इ दिल्ली। निवेशकों के लिए एक शानदार खबर है। अक्टूबर माह के मध्य से गवर्नमेंट साॅवरेन गाेल्ड बान्ड स्कीम खुलने वाला है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) ने इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा कि फरवरी 2019 तक इसे पांच खेप में जारी किया जाएगा। आरबीआर्इ ने कहा कि अक्टूबर 2018 से फरवरी 2019 के बीच हर माह साॅवरेन गोल्ड बाॅन्ड जारी किया जाएगा। निवेशक ये बाॅन्ड बैंक, स्टाॅक होल्डिंग काॅर्पोरेशन लिमिटेड, पोस्ट आॅफिस, एनएसर्इ आैर बीएसर्इ से खरीद सकत हैं।


ये तारीखें है महत्वपूर्ण

इस सरकारी स्कीम की पहली सब्सक्रीप्शन खेप 15 से 19 अक्टूबर के बीच जारी हाेगी आैर 23 अक्टूबर तक बाॅन्ड जारी होंगे। इसके बाद दूसरी बार सब्सक्रीप्शन की तारीख 5 से 9 नवंबर के बीच होगी आैर गोल्ड बाॅन्ड 13 नवंबर तक जारी किया जाएगा। इसकी अगली खेप 24 से 28 दिसंबर के बीच सब्सक्रीप्शन के लिए खुलेगी जिसके लिए 1 जनवरी तक बाॅन्ड जारी होंगे। जनवरी माह के लिए निवेशक 14 से 18 जनवरी के बीच सब्सक्रीप्शन ले सकेंगे। इसके लिए बाॅन्ड 22 जनवरी तक जारी होंगे। जबकि सबसे अंतिम सब्सक्रिप्शन का मौका 4 से 8 फरवरी के बीच होगा। इसके लिए बाॅन्ड जारी होने का आखिरी तारीख 12 फरवरी होगी।


कितना सोना कर सकते हैं सब्सक्राइब

बता दें कि चालू वित्त वर्ष के लिए साॅवरेन गोल्ड बाॅन्ड जारी करने की शुरुआत 16 अप्रैल को हुआ था। साॅवरेन गोल्ड बाॅन्ड स्कीम को नवंबर 2015 में जारी किया गया था। सरकार ने इस स्कीम को भौतिक रूप में सोने की डिमांड को कम करने आैर इसे घरेलू सेविंग्स का एक जरिया बनाने के लिए किया था। इस स्कीम के तहत, निवेशक कम से कम 1 ग्राम सोने में निवेश कर सकते हैं वहीं निवेश के लिए एक निवेशक एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 500 ग्राम सोना ले सकते हैं। हालांकि सब्सक्रिप्शन की अधिकतम सीमा 4 किलो प्रति व्यक्ति है।


कमार्इ पर देना होगा टैक्स

आरबीअार्इ ने कहा कि इसके लिए निवेशक अधिकतम 20,000 नकदी, डिमांड ड्राफ्ट, चेक या इलेक्ट्राॅनिक बैंकिंग के माध्यम से कर सकते हैं। ये बाॅन्ड डिमैट फाॅर्म में बदलने के लिए भी योग्य होगा आैर इसे लोन लेने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आरबीआर्इ ने साफ कर दिया है कि बाॅन्ड से होने वाली कमार्इ पर अापको टैक्स देना होगा।