
इस दिन से बदल जाएगी आपके होम लोन व कार लोन की EMI, जानिए आपकी जेब पर क्या होगा असर
नर्इ दिल्ली। होम लोन व आॅटो लोन की दरों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) अब एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। मौजूदा अांतरिक बेंचमार्क की जगह अब आरबीआर्इ ने फ्लोटिंग दर के लिए बाहरी बेंचमार्क का प्रयोग करना अनिवार्य कर दिया है। यह बाहरी में बेंचमार्क निम्नलिखित में से कोर्इ एक होंगे। इसमें पहला, फाइनेंशियल बेंचमार्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एफबीआर्इएल) द्वारा बनाया गया भारत सरकार का 91 दिनों का ट्रेजरी बिल, एफबीआर्इएल द्वारा बनाया गया भारत सरकार का 182 दिनों का ट्रेजरी बिल या फिर एफबीआर्इएल का बेंचमार्क मार्केट इंटरेस्ट रेट।
माैजूदा समय में इन आंतरिक बेंचमार्क का इस्तेमाल होता है
अारबीआर्इ के इस फैसले के बाद बैंक अपने हिसाब से केवल मामूली बदलाव ही कर सकते हैं। लेकिन यदि किसी ने लोन ले लिया है तो बैंक बाद में कोर्इ बदलाव नहीं कर सकता है। हालांकि, लोन लेने वाले व्यक्ति के क्रेडिट एसेसमेंट में कोर्इ महत्वपूर्ण बदलाव आता है आैर वाे लोन कंट्रैक्ट में कोर्इ बदलाव के लिए सहमत होता है तो बैंक ब्याज दर में बदलाव कर सकता है। जनक राज की अध्यक्षता वाली एक कमेटी ने फ्लोटिंग लोन रेट में बाहरी बेंचमार्क इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है। मौजूदा समय में में प्राइम लेंडिंग रेट (पीएलआर), बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (बीपीएलआर), बेस रेट आैर मार्जिनल काॅस्ट आॅफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) का प्रयोग किया जाता है।
पारदर्शिता बढ़ाने को लेकर बैंकों पर लगी ये पाबंदी
साथ ही पारदर्शिता व लोन उत्पाद के स्टैंडर्ड को बनाए रखने के लिए लोन कैटेगरी के अंतर्गत एक समान बाहरी बेंचमार्क को अपनाना होगा। दूसरी तरह इसे समझें तो एक बैंक एक ही लोन कैटेगरी में कर्इ बेंचमार्क का इस्तेमाल नहीं कर सकता है। लोन प्राइसिंग के लिए यह गाइडलाइन पर्सनल या रिटेल (होम व आॅटो लोन) लोन फ्लोटिंग रेट के लिए उपयुक्त है। माइक्रो व स्माल उद्याेगों के लिए फ्लोटिंग लोन रेट 1 अप्रैल 2019 से लागू है। केंद्रीय बैंक इसी माह में आरबीआर्इ नए लोन प्राइसिंग के लिए पूरी गाइडलाइन जारी करेगी।
Published on:
05 Dec 2018 05:16 pm
