
केरल बाढ़ ने पैदा की एक आैर बड़ी समस्या, बीमा कंपनियों के पास आ सकता है 10 अरब से ज्यादा का क्लेम
नई दिल्ली। केरल में आई बाढ़ से हुए जानमाल के भारी नुकसान को देखते हुए बीमा कंपनियों के पास करीब 10 अरब रुपए तक के क्लेम आने के आसार नजर आ रहे हैं। बीते सप्ताह बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) की ओर से सभी जीवन और गैर जीवन बीमा कंपनियों को केरल में बीमा क्लेमों का तेजी से निपटारा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए बीमा कंपनियों को क्लेम की प्रक्रिया में कुछ ढील भी देनी पड़ेगी।
चेन्नर्इ बाढ़ की तुलना में कितना हुआ नुकसान
बाढ़ के चलते हुए आर्थिक नुकसान के कारण सामान्य बीमा (जनरल इंश्योरेंस) कंपनियों को भारी क्लेम आने आसार दिख रहे हैं। हालांकि कंपनियों को उम्मीद है कि यह 2015 में चेन्नई में आई बाढ़ से हुए नुकसान से कम रहेगा। इसकी वजह यह है कि चेन्नई की बाढ़ ने वहां के घने औद्योगिक क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचाया था। बाढ़ से 500 अरब से अधिक का नुकसान हुआ था जिसके चलते 50 अरब से ज्यादा के बीमा क्लेम आए थे। केरल में नुकसान इससे कम ही रहने की उम्मीद है। राज्य के मुख्यमंत्री ने बाढ़ से 200 अरब रुपए के नुकसान का दावा किया है।
सरकारी क्षेत्र की बीमा कंपनियों का ज्यादा अनुमान
बीमा कंपनियों के लिए राहत की एक बात और है कि केरल में हुई तबाही का क्लेम इस लिए भी कम हो सकता है कि यहा चेन्नई की बाढ़ की तुलना में कम परिसंपत्तियां ही बीमा सुरक्षा के तहत हैं। इनमें भी ज्यादातर क्लेम सरकारी क्षेत्र की बीमा कंपनियों से जुड़े होने का अनुमान है।
अब तक हुए नुकसान का अनुमान
बाढ़ ग्रस्त गांव - 775
मारे गए लोग - अनुमानतः 361
क्षतिग्रस्त घर - 20,774
पूरी तरह नष्ट घर - 1,186
आंशिक क्षतिग्रस्त घर - 19,588
बाढ़ से सरकार को नुकसान
ट्रांसफार्मर (11 केवी तक) - 1,437
खंभे - 5,632
बिजली लाइन (किमी.) - 347.2
सड़कों को नुकसान
जिला स्तरीय सड़कें (किमी.) - 3,652.5
पंचायत स्तरीय सड़कें (किमी.) - 1,829.5
राज्य स्तरीय राजमार्ग (किमी.) - 106.1
Updated on:
22 Aug 2018 08:27 am
Published on:
21 Aug 2018 07:05 pm
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