
सोने और रियल एस्टेट में निवेश से बेहतर है म्युचुअल फंड में पैसा लगाना, जानिए क्यों
नई दिल्ली। भारत जैसे देश में निवेश का सबसे पुराना तरीका सोना और रियल एस्टेट को माना जाता रहा है। लेकिन बीते कुछ सालों में इन दोनों से निवेशकों का रुझान काफी कम हो गया है। दरअसल नोटबंदी के बाद रियल एस्टेट की हालात में काफी बदलाव आया है। तो वहीं ग्लोबल मार्केट की अनिश्चितता ने गोल्ड से भी लोगों का मोह भंग होना शुरु हो गया। जिसके चलते म्युचुअल फंड की तरफ लोगों का आकर्षण बढ़ना शुरु हो गया। बीते कुछ साल के आंकड़ें इस बात को पुख्ता करते हैं कि आज के दौर मे म्युचुअल फंड निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। आखिर म्युचुअल फंड में ऐसी क्या खासियत है कि ये निवेश के लिए निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा। इस जानने के लिए पत्रिका के मनीष रंजन ने क्वानटंम म्युचुअल फंड के एसोसिएट फंड मैनेजर सौर्भ गु्प्ता से खास बातचीत की। आइए जानते है कि आनेवाले दिनों में कैसा रहेगा इस सेक्टर का प्रदर्शन और कैसे यह सेक्टर नई ऊंचाईयों पर पहुंचेगा..
Q. पिछले तीन साल में म्युचुअल फंड सेंगमेंट का प्रदर्शन कैसा रहा ?
A. पिछले तीन सालों में म्युचुअल फंड से निवेशकों ने काफी पैसा बनाया है, खास तौैर से इक्विटी फंड से। निवेशक इस बात को अच्छे से जान गए हैं कि म्युचुअल फंड में पैसा लगाना काफी मुनाफे का सौदा है। अगर हम बात पिछले कुछ सालों की करें तो म्युचुअल फंड में पैसा निश्चित रूप से बढ़ा है और ये पिछले दस सालों से भी ज्यादा है।
Q. म्युचुअल फंड सेगमेंट के लिए कंपनी अपने विस्तार के लिए क्या योजना बना रही है ?
A. हम निवेशकों के हित में काम करते हैं और हमारी स्ट्रैटेजी उनके बेहतर भविष्य के लिए उन्हें उचित राह दिखाना है, ताकि उन्हें कभी वित्तीय संकट से ना जूझना पड़े। हमारे प्रोडक्ट बहुत साधारण हैं ताकि निवेशक उनका लाभ भलिभांति समझ सकें और ज्यादा से ज्यादा निवेश कर पैसा कमा सकें। हम निवेशकों को ज्यादा से ज्यादा जागरुक करना चाहते हैं ताकि वो इससे मिलने वाले फायदों को समझ सकें और सही प्लानिंग कर अपने पैसे का उपयोग कर सकें।
Q. गोल्ड और प्रॉपर्टी के मुकाबले म्युचुअल फंड निवेश के लिए बेहतर विकल्प कैसे है ?
A. इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश से निवेशकों को कई तरह के लाभ मिलते हैं। सबसे खास बात ये है कि इसमें आप कम से कम पैसों के साथ भी निवेश कर सकते हैं। निवेश के लिए आपको केवल 500 रुपए की आवश्यकता होती है। साथ ही, इसका ट्रांजेक्शन कॉस्ट ना के बराबर है और आपके अकाउंट में ट्रांजेक्शन के तीन दिन के अंदर ही सारा पैसा आ जाता है। इतना नही नहीं, इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश के लिए आपको किसी डीमैट अकाउंट की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।
Q. टीयर 2 और टीयर 3 शहरों के लिए आपके क्या प्लान हैं ?
A. टीयर 2 और टीयर 3 जैसे शहरों में हम लगातार विस्तार कर रहे हैं। इन जगह पर इंटरनेट के जरिए हम लोगों को म्युचुअल फंड के बारे में जागरुक कर रहे हैं। अप्रैल 2017 में हमने रेगुलर प्लान भी बनाए थे जिससे हम उन लोगों तक आसानी से पहुंच सकते हैं जो म्युचुअल फंड में निवेश करने के इच्छुक हैं।
Q. म्युचुअल फंड सेगमेंट के विस्तार के लिए सरकार अपना योगदान कैसे दे रही है ?
A. इसके लिए सरकार भी काफी सहायक है। ईएलएसएस स्कीम में निवेश के लिए सरकार ने कर को घटाया है और इक्विटी इनवेस्टमेंट में सभी तरह के कर को कम किया है। बचत के लिए बैंकों में खुल रहे अकाउंट से हमें काफी लाभ हो रहा है। इसके साथ ही, कालेधन के खिलाफ सरकार की ओर से लगातार उठाए जा रहे कदम से लोग सोना और प्रॉपर्टी में निवेश करना पसंद नहीं कर रहे हैं।
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Published on:
18 Dec 2018 03:27 pm
