11 सालों बाद भी देश के बुजुर्गों की कमाई महज 200 रुपए, सरकार ने नहीं लिया अब तक कोई एक्शन

11 सालों बाद भी देश के बुजुर्गों की कमाई महज 200 रुपए, सरकार ने नहीं लिया अब तक कोई एक्शन

Manish Ranjan | Publish: Jan, 03 2019 09:53:55 AM (IST) | Updated: Jan, 03 2019 09:53:56 AM (IST) म्‍युचुअल फंड

एक तरफ सरकार बुजुर्गों को उनकी सुरक्षा का आश्वासन देती हैं वहीं उनको आय के नाम पर महज 200 रुपए देती है।

नई दिल्ली। मोदी सरकार में देश का हर व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा चाहता है चाहे वह युवा हो या बुजुर्ग, लेकिन भारत में पिछसे कई सालों से बुजुर्गों की हालत काफी खराब है। जहां एक तरफ सरकार बुजुर्गों को उनकी सुरक्षा का आश्वासन देती हैं वहीं उनको आय के नाम पर महज 200 रुपए देती है। आज के समय में भारत में बुजुर्गों की बढ़ती संख्या मुफलिसी में जीवन गुजार रही है।


11 साल बाद भी नहीं हुआ पेंशन में कोई बदलाव

देश के वह बुजुर्ग जो सरकारी नौकरी नहीं करते थे वह सभी आज सरकार द्वारा दी जा रही पेंशन के भरोसे हैं, लेकिन पिछले 11 सालों से पेंशन राशि में कोई भी बदलाव नहीं आया है। आज से 11 साल पहले भी सरकार बुजुर्गों को 200 रुपए महीना पेंशन देती थी और आज भी वह उसी 200 रुपए में अपना जीवन बिता रहे हैं, लेकिन 5 राज्य की सरकारों का कहना है कि उन्होंने इस पेंशन राशि में अपनी तरफ से धनराशि जोड़कर इसे 2000 तक कर दिया है। आपको बता दें कि देश में 5.8 करोड़ बुजुर्ग ऐसे हैं जिनको पेंशन या कोई अन्य प्रकार की सहायता नहीं मिलती है।

old pension scheme

महज 200 रुपए में बिता रहे जीवन

आपको बता दें कि वैसे तो केंद्र सरकार 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को वृद्धा पेंशन देती है, लेकिन देश में बढ़ती महंगाई को देखते हुए इसकी राशि इतनी कम है कि देश का बुजुर्ग चाह कर भी इसमें अपना महीने का खर्च नहीं चला सकता है। दरअसल, साल 2007 में 60-79 वर्ष के आयु वर्ग के लिए इस योजना के अंतर्गत मासिक पेंशन की राशि मात्र 200 रुपये रखी गई थी। उसी समय यह राशि बहुत कम मानी गई थी, वहूं जो लोग 80 साल से अधिक के थे उनकी पेंशन 500 रुपये रखी गई थी। आज 11 साल बीत जाने के बाद भी देश पेंशन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। हंगाई के हिसाब से देखें तो साल 2007 में तय किए गए 200 रुपये की कीमत आज मात्र 92 रुपये ही रह गई है।


इन राज्यों में मिलती है ज्यादा पेंशन

वहीं आपको बता दें कि देश के ही कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां देश के बुजुर्गों को लगभग 2000 रुपए तक पेंशन मिल जाती है। इऩ राज्यों की सूची में गोवा, दिल्ली, केरल और हरियाणा शामिल है। साथ ही देश में दूसरी ओर कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां सरकारें अपनी ओर से बहुत कम धनराशि जोड़ती हैं और वहां के वरिष्ठ नागरिकों को अभी तक 500 रुपये से भी कम की पेंशन मिलती है। ऐसे राज्यों में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और मणिपुर हैं।

 

pmvvy

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना

बुजुर्गों को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने एक खास योजना की शुरुआत की, जिसका नाम प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई PMVVY) रखा गया। इस योजना के तहत निवेश सीमा को दोगुना कर 15 लाख रुपये करने को मंजूरी दी, जिससे वरिष्ठ नागरिकों का सामाजिक सुरक्षा कवर बढ़ सके। यह योजना 60 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए है, लेकिन इस योजना का लाभ सिर्फ वही लोग उठा सकते हैं, जो इसमें निवेश कर सके। इस योजना में अगर कोई 15 लाख रुपये का निवेश करता है तब उसे योजना जारी रहने तक 10000 रुपये हर महीने पेंशन मिलती रहेगी।


बुजुर्गों को मिलती हैं ये सभी सुविधाएं

साल 2017 में मोदी सरकार ने देश में गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय वयोश्री योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत सरकार वरिष्ठ नागरिकों को सुनने में सहायक मशीन और व्हीलचेयर सहित उम्र संबंधी सहायक उपकरण नि:शुल्क प्रदान करती है।

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