
लौट आने के बाद प्रदीप का लाड़ करती मां
ये घटना मुजफ्फरगर और सहारनपुर से जुडी हुई है। सहारनपुर के बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव चिराऊ का रहने वाला प्रदीप घर से गुस्से में निकल गया। कई दिन बाद भी जब इसका कोई पता नहीं चला तो परिवार पुलिस थाने पहुंचा। इसी बीच मुजफ्फरनगर पुलिस को एक अज्ञात शव मिला जो दिखने में प्रदीप के फोटो से मिलता जुलता था। इस बात का पता लगने पर प्रदीप का परिवार मुजफ्फरनगर पहुंचा और शव की शिनाख्त की।
प्रदीप की आंख के ऊपर एक निशान था और हाथ पर पीके का निशान यानी टेटू बना हुआ था। इस अज्ञात शव पर भी बिल्कुल ऐसा ही निशान था और पीके का टेटू भी बुना हुआ था। परिवार को लगा कि ये उनका ही प्रदीप है। देखते पूरी परिवार के सदस्य रो पड़े और पुलिस ने शिनाख्त की कार्यवाही शुरू कर दी। इस तरह परिवार शव को मुजफ्फरनगर से सहारनपुर अपने गांव चिराऊ ले आया और अंतिम संस्कार कर दिया। रिश्तेदार यार सब इकट्ठा हुए और पूरा गांव गम में डूब गया। सबसे अधिक बुरा हाल तो मां को हो गया।
सात दिन बाद अचानक आ खड़ा हुआ प्रदीप
प्रदीप का परिवार अब सब्र कर चुका था। रो-रोकर मां की आखों का पानी सूख चुका था। पूरा परिवार घर में दुखी बैठा हुआ था कि अचानक प्रदीप आ गया। प्रदीप ने अपनी फोटो देखी जिस पर माला लटकी हुई थी तो हैरान रह गया। इसने तुरंत माला हटाई और परिवार को समझाया कि वो जिंदा है। पहले तो परिवार वालों को अपनी ही आखों पर विश्वास नहीं हुआ। बाद में प्रदीप ने बताया कि वो तो हरिद्वार एक ढाबे पर काम कर रहा था। ये भी बताया कि जिस शव को उसका शव समझकर आप लोगों ने अंतिम संस्कार किया है वो किसी अन्य व्यक्ति का शव था। यह सुनकर परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और भगवान का शुक्रिया अदा करने लगे।
टेटू ने करा दी पहचान में गड़बडी
दरअसल प्रदीप के जैसे दिखने वाले जिस व्यक्ति का शव मुजफ्फरनगर पुलिस को लावारिश हालत में मिला था उसके हाथ पर भी पीके का निशान यानी टेटू था। आंख के ऊपर भी बिल्कुल ऐसा ही निशान था। इसी से कनफ्यूजन हुआ और परिवार इस अज्ञात शव को प्रदीप का शव समझ बैठा। इस तरह पूरा परिवार दुख में डूब गया।
पहली बार देखकर डर गए गांव वाले
प्रदीप समझकर परिवार किसी अज्ञात व्यक्ति के शव संस्कार कर चुका था। पूरे गांव को पता चल चुका था कि प्रदीप की मौत हो चुकी है। परिवार में पिछले कई दिनों से रोना-धोना चल रहा था। इसी बीच अचानक प्रदीप वापस आया तो पहली बार उसे देखकर गांव वाले डर गए। प्रदीप ने बताया कि उसने गांव पहुंचकर एक दुकान वाले से ठंडा देने के लिए कहा तो दुकान वाला डर गया और ये कहते हुए कि प्रदीप तुम तो मर चुके हो दुकान छोड़कर भाग खड़ा हुआ। इसके बाद अन्य ग्रामीण भी डर गए गए और प्रदीप को देखकर भूत-भूत चिल्लाने लगे।
Updated on:
11 Feb 2024 01:04 pm
Published on:
11 Feb 2024 01:03 pm
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