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Video: उत्तर भारत में प्रदूषण के लिए भाकियू ने इन्हें ठहराया जिम्मेदार

Highlights . किसानों पर लगा रही सरकार प्रदूषण फैलाने का दोष . सरकार के बयान के बाद भाकियू कार्यकर्ता में नाराजगी. कलेक्ट्रेट मेंं नेताओं ने जलाई पराली  

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मुजफ्फरनगर. इनदिनों उत्तर भारत जहरीली हवा (प्रदूषण) की चपेट मे हैं। दिवाली के बाद हवा सांस लेने के लिए उपयुक्त नहीं बताई जा रही है। जिससे देखते हुए यूपी के कई जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया गया हैै। देशभर में प्रदूषण के लिए दोषी किसानों को ठहराया जा रहा है। क्योंकि किसान अपने खेतों में फसल काटने के बाद जो पुराली होती है उसको जला कर जमीन को अगली फसल के लिए तैयार करता है।

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प्रदूषण का जिम्मेदार किसान को ठहराए जाने की वजह से भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष धीरज लटियान के नेतृत्व में खंड विकास बकरा कार्यालय पर इकट्ठा हुए और पराली जला कर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष धीरज लटियान ने कहा कि मामला प्रदूषण का है और सरकार इस प्रदूषण का दोषी किसान को मान रही है।

सरकार कंपनियां, ईट भट्टों और जहरीली हवा छोड़ने वाली दूसरी ईकाईयों की जगह किसानों को ही सरकार दोषी बता रही है। यह गलत है। भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसान खेत की जगह कलेक्ट्रेट और विधानसभा व सरकारी कार्यालयों पर जलाई जाएगी।