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26 साल से फरार गैंगरेप के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई ऐसी सजा, जानकर आप भी करेंगे तारीफ

Highlights: -1989 में नाबालिग युवती का अपहरण कर गैंगरेप किया था -1995 में पुलिस की कस्टडी से फरार हुआ था आरोपी -अन्य दो आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है

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Rape accused Punishment to life imprisonment

Rape accused Punishment to life imprisonment

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मुजफ्फरनगर। जनपद में 26 साल से फरार बलात्कारी को कोर्ट ने 10 वर्ष के कारावास और 20 हज़ार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। उक्त बलात्कारी जहीर हसन पर 1989 में एक नाबालिग युवती का अपहरण कर उसके साथ कई दिनों तक गैंगरेप करने का आरोप था। जिसमें 3 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में 1995 में आरोपियों पर दोष सिद्ध हो गया था। मगर उस समय ज़हीर हसन पुत्र अमीर हसन निवासी गांव पसौंडा थाना साहिबाबाद जनपद गाजियाबाद फरार हो गया था, जो 26 साल से पुलिस और कानून की आंखों में धूल झोंक कर फरार था। मंसूरपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।

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विशेष कोर्ट पोक्सो फर्स्ट की न्यायधीश आरती फौजदार ने आरोपी जहीर हसन को 26 वर्षो से रुकी हुई सजा सुनाई है। जिसमे उसे कोर्ट ने 10 साल का कारावास ओर 20 हज़ार के अर्थदंड और 4/25 आर्म्स एक्ट में 3 साल की सजा 5 हज़ार की सजा सुनाई है और अर्थदंड ना भरने की स्थिति में 6 माह की अतिरिक्त जेल काटने की सजा सुनाई। जानकारी के अनुसार आरोपी जहीर फरारी के दौरान जनपद बागपत के थाना दोघट क्षेत्र के गांव पलाड़ा में रह रहा था। सूत्रों की अगर मानें तो वह गांव में प्रधान पद के लिए चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ था।

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बता दें कि मुजफ्फरनगर में सन 1989 में थाना मंसूरपुर क्षेत्र की एक नाबालिग युवती का अपहरण कर उसके साथ कई दिनों तक गैंगरेप किया गया था। जिसमें पीड़ित परिवार की ओर से दर्ज मुकदमे में ज़हीर हसन पुत्र अमीर हसन निवासी गांव पसौंडा थाना साहिबाबाद जनपद गाजियाबाद सहित 3 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में 1995 में आरोपियों पर दोष सिद्ध हो गया था। जिसमें कोर्ट ने इन्हें 10 साल की सजा सुनाई गई थी। मगर उस समय ज़हीर हसन पुत्र अमीर हसन निवासी गांव पसौंडा थाना साहिबाबाद जनपद गाजियाबाद पुलिस और कानून को ठेंगा दिखाते हुए फरार हो गया था और तभी से फरार चल रहा था। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर 26 साल बाद जहीर हसन को गिरफ्तार कर लिया।