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मुजफ्फरनगर। ड्रग्स विभाग ने थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मेरठ रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में एक गैस इंडस्ट्री ( oxygen plant ) पर छापेमारी की तो भारी अनियमितताएं उजागर हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर फैसले ले रहे हैं। इसी को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के ड्रग विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। मुजफ्फरनगर के ड्रग इंस्पेक्टर लव कुश प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश के बाद उन्हें शिकायत मिली थी कि औद्योगिक क्षेत्र स्थित बाबा इंडस्ट्रीज गैसेस मैं ओवर रेटिंग और ओवर बिलिंग की जा रही है। इसी शिकायत पर जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया जांच में शिकायत सही पाई गई है। फैक्ट्री में ओवर बिलिंग और ओवर रेटिंग पाई गई है। इस गाेलमाल पर फैक्ट्री के मालिकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 3 / 7 के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। गैस सप्लायर ने अधिकारियों पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
गैस सप्लायर राधेश्याम शर्मा का कहना है कि इन अधिकारियों को गैस प्लांट को बंद कराने का कोई अधिकार नहीं है। फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है लेकिन गैस सप्लाई नहीं रोकी जा सकती। इन्हाेंने बताया कि वर्तमान हालात ठीक नहीं है। कई हॉस्पिटल में गैस की सप्लाई होनी थी जो नहीं कर पाए हैं और दोपहर से फैक्ट्री में गैस लेने के लिए खड़े हुए हैं नगर अधिकारियों ने प्लांट को बंद करा दिया है जिस वजह से अब उन्हें गैस की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि गैस की कमी होने की वजह से जनपद में कुछ भी हो सकता है जिस तरह गोरखपुर में गैस की सप्लाई समय से ना हो पाने के कारण बच्चों की मौत हुई थी उसी तरह लखनऊ में इसी तरह की घटना हुई थी और मुजफ्फरनगर में भी गैस की किल्लत हो सकती है। पूरे देश में जितनी गैस सप्लाई होती थी कोरोना काल में उसकी खबर दस गुना बढ़ गई है और सप्लाई अभी भी पूरी नहीं हो पा रही है।
Updated on:
17 Sept 2020 08:27 am
Published on:
17 Sept 2020 08:22 am
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