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कृषि कानूनों के विरोध में किसान ने लहलहाती गेहूं की खड़ी फसल को ट्रैक्टर से किया तहस-नहस

Highlights - भाकियू नेता राकेश टिकैत के कहने पर किसान ने बर्बाद की 8 बीघा गेहूं की फसल - मुजफ्फरनगर के किसान ने खड़ी फसल पर चलाया ट्रैक्टर - सरकार पर लगाया फसल के उचित दाम नहीं देने का आरोप

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुजफ्फरनगर. कृषि कानूनों के विरोध में किसान लंबे समय से आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार अपने फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं है। किसानों का कहना है कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे, वह भी पीछे नहीं हटेंगे। चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। इसका ताजा उदाहरण मुजफ्फरनगर में उस समय देखने को मिला, जब एक किसान ने अपनी गेहूं की हरी-भरी लहलहा रही खड़ी फसल पर ट्रैक्टर और रोटावेटर चला दिया और फसल को नष्ट कर दिया।

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फसल नष्ट करने के मामले में जब किसान गुड्डू से बातचीत की गई तो उसने कहा कि सरकार उनकी फसल का उचित दाम नहीं दे रही है। तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं, मगर सरकार किसी की भी नहीं सुन रही है। इसी को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा था कि अपने खाने के लिए उपज को छोड़कर बाकी पर ट्रैक्टर चला दें। उन्होंने आज अपनी 8 से 9 बीघा गेहूं की खड़ी फसल को नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के कहने पर वह कुछ भी कुर्बानी देने को तैयार हैं।

दरअसल, मामला थाना खतौली कोतवाली क्षेत्र के गांव भैंसी का है। जहां गुड्डू नाम के एक किसान ने अपने खेत में ट्रैक्टर और रोटावेटर ले जाकर अपनी आठ से 9 बीघा गेहूं की हरी-भरी लहराती फसल को तहस-नहस कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर मीडिया का जमावड़ा लग गया। इस बारे में जब किसान गुड्डू से बात की गई तो उसने कहा कि सरकार उनकी फसल का वाजिब दाम नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि हमारे नेता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा था कि अपनी फसल पर ट्रैक्टर चला दें। इसलिए उन्होंने अपनी गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर चला दिया है।

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