21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुजफ्फरनगर में गुस्साए किसानों ने चढ़ाई आस्तीनें, SSP दफ्तर पर सात घंटे तक हंगामा

विरोध प्रदर्शन के दौरान खुले मंच से किसानों ने दे डाली सीडीओ के कपड़े उतारने चेतावनी। किसानों का आरोप है कि उन पर फर्जी मुकदमें दर्ज कराए जा रहे हैं और गन्ने का भुगतान नहीं मिला है।

less than 1 minute read
Google source verification
किसान

मुजफ्फरनगर एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन करते किसान

सोमवार को मुजफ्फरनगर में किसानों ने आस्तीनें चढ़ा ली और एसपी के ऑफिस पहुंच गए। यहां करीब सात घंटे तक किसान डटे रहे। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए खूब नारेबाजी की और चेतावनी दे डाली कि अब किस आर-पार के मूड में हैं। अब किसानों का किसी भी तरह का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दरअसल, किसान यहां गन्ना बकाया भुगतान को लेकर इकट्ठा हुए थे। इसके अलावा किसानों का आरोप है कि उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। चकबंदी और बिजली बिल के नाम पर किसानो का उत्पीड़न किए जाने के भी आरोप हैं। इन्ही अपनी समस्याओं को लेकर किसान एकजुट हुए थे। किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच मुजफ्फरनगर में पिछले कई दिनों से तनाव चल रहा है। सोशल मीडिया पर भारतीय किसान यूनियन के नेताओं की वीडियो वायरल हो रही हैं।

मुजफ्फरनगर में चले किसानों के इस हंगामे में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकट भी किसानों के बीच मौजूद रहे। उन्होंने डीएम यानी जिलाधिकारी और एसएसपी यानी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से करीब एक घंटे तक बातचीत की। इस बातचीत के बाद राकेश टिकैत ने किसानों के भरोसा दिलाया कि गन्ना बकाया भुगतान पर सहमति बन गई है। जल्द किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के ही राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने साफ शब्दों में कह दिया कि अफसर भाजपाओं के इशारे पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों का उत्पीड़न बहुत हो चुका है। अब किसानों का उत्पीड़न किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी हम शांत नहीं हुए हैं। अगर पुलिस प्रशासन की ओर से एक तरफा कार्रवाई हुई तो फूल वालों को किसान कैद कर लेेंगे।