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एक विवाह ऐसा भी…दूल्हे ने 31 लाख रुपए लौटाए; बोला- इन पैसों पर मेरा हक नहीं, मुझे सिर्फ दुल्हन चाहिए

Groom returns 31 lakh dowry : मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना गांव में एक अनोखी शादी उस वक्त चर्चा में आ गई जब दूल्हा अवधेश सिंह ने दुल्हन पक्ष द्वारा भेंट स्वरूप दी गई 31 लाख रुपये की नकदी से भरी थाल लौटा दी।

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मुजफ्फरनगर : मुजफ्फरनगर में एक अनोखी शादी सामने आई है। यहां एक दूल्हे ने नोटों से भरे थाल को लौटा दिया और बोला- मुझे यह पैसे नहीं चाहिए, यह किसी गाढ़ी मेहनत की कमाई है। इन पर मेरा हक नहीं… मुझे सिर्फ दुल्हन चाहिए। एक ओर जहां समाज में दहेज लेना और देना एक परंपरा बनती जा रही है। दहेज के लिए लोग विवाहिता से मारपीट करते हैं। उससे गलत बर्ताव करते हैं। उस समाज में यह शादी खुद में एक मिसाल है।

मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना गांव निवासी दुल्हन के नाना सुखपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी नातिन अदिति सिंह का विवाह नगवा गांव के रहने वाले हरवीर राणा के बेटे अवधेश सिंह से तय किया था। अदिति के पिता की कोरोना काल में मौत हो चुकी है। बीते 5 साल से अदिति उनके पास ही रह रही है। अदिति एमएससी पास है। अदिति की शादी ननिहाल पक्ष मिलकर कर रहा है। अदिति के दो मामा भी हैं।

व्यवसायी है दूल्हे का परिवार

सुखपाल सिंह ने बताया कि दूल्हे अवधेश का परिवार व्यवसाय करता है। बुधवार रात को शादी के दौरान लड़की के घर वालों ने भेंट के तौर पर दूल्हे अवधेश की तरफ 31 लाख रुपए की नोटों से भरी थाल बढ़ाई। अचानक दूल्हे अवधेश ने थाल लेने से मना कर दिया और कहा यह मुझे नहीं चाहिए। इन पर मेरा अधिकार नहीं। यह अदिति के पिता की गाढ़ी कमाई है। इसे मैं स्वीकार नहीं कर सकता है। मुझे सिर्फ दुल्हन चाहिए।

दूल्हे की हो रही तारीफ

दूल्हे की ये बातें सुनकर दुल्हन पक्ष के लोग हैरत में पड़ गए कि ये क्या हो गया। ऐसा कौन बोलता है। इसके बाद दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हे के इस फैसले का ताली बजाकर स्वागत किया। शादी का उल्लास और बढ़ गया। हर ओर सिर्फ तारीफ होने लगी। लोगों ने कहा कि आज के दौैर में भी ऐसे दूल्हे हैं जिन्हें दहेज से मतलब ही नहीं है।

दूल्हे के माता-पिता भी समर्थन में आए

दूल्हे अवधेश के माता-पिता को जब उसके फैसले की जानकारी मिली तो वह भी उसके समर्थन में आए। उन्होंने भी हाथ जोड़कर लड़की वालों से सिर्फ दुल्हन देने की बात कही। सभी रस्में पूरी परंपरा के साथ संपन्न हुईं और दोनों पक्षों के बड़े बुज़ुर्गों ने नवविवाहितों को आशीर्वाद दिया।