
प्रतीकात्मक फोटो
Muzffarnagar : अर्द्धसैनिक बल के साथ दिल्ली और लखनऊ से आई आयकर विभाग की टीमों ने मंसूरपुर चीनी मिल में छापेमारी के बाद मुजफ्फरनगर के बीड़े चीनी कारोबारियों के यहां भी छापेमारी की। आयकर विभाग की इस कार्रवाई से चीनी व्यापारियों में हड़कंप मच गया। चीनी मिल और चीनी कारोबारियों के यहां छापेमारी में बड़ी गड़बड़ी सामने आने की चर्चाए हैं हालाकि अभी तक इस बारे में किसी भी अधिकारी की ओर से बयान नहीं दिया गया है।
बुधवार को आयकर विभाग की टीम ने मंसूरपुर चीनी मिल में छापेमारी के दौरान सभी के मोबाइल फोन बंद करा दिए और मुख्य गेट पर फोर्स लगा दी। सुबह छह बजे शुरु हुई आयकर विभाग की यह कार्रवाई देर रात तक चलती रही। इस दौरान चीनी मिल के सभी गेटों पर तालाबंदी करा दी गई। कार्यवाही के दौरान किसी को भी चीनी मिल के अंदर या बाहर नहीं जाने दिया गया। बच्चों को परेशानी ना हो इसलिए मिल परिसर में स्थित प्राईमरी स्कूल की भी छुट्टी करा दी गई। घंटों चली कार्यवाही में इनकम टैक्स की टीम ने चीनी मिल का पूरा रिकॉर्ड खंगाला। फाइलों के अलावा कंप्यूटर सिस्टम डिजिटल डाटा और वित्तीय लेनदेन की गहनता से जांच की गई। इस अवधि में गन्ना पेराई से लेकर चीनी पैकिंग तक का कार्य भी बंद रहा।
इस कार्रवाई के अगले दिन आयकर विभाग की टीम ने चीनी व्यापारियों के वकील रोड पर स्थित ठिकानों पर छापेमारी की और यहां भी तलाशी ली। आयकर विभाग की टीम के निशाने पर जो चीनी कारोबारी थे उनके नाम अनिल कपूर और निखिल अग्रवाल बताए गए हैं। इनके ऑफिस में रखे सभी दस्तावेजों की आयकर विभाग की टीम ने जांच की। इस दौरान पूरे शहर के चीनी व्यापारियों में हड़कंप मचा रहा और इस कार्रवाई से शहर में चर्चाओं का बाजार गरम रहा।
इस कार्रवाई को मंसूरपुर चीनी मिल से जोड़कर भी देखा जा रहा है। इसकी वजह ये है कि आयकर विभाग की टीम ने पहले मंसूरपुर चीनी मिल में छापेमारी की थी। इसके बाद टीम ने जिन चीनी कारोबारियों के यहां छापेमारी की उनके मंसूरपुर चीनी मिल से कनेक्शन हैं और बड़ा लेनदेन है। ऐसे में दोनों कार्रवाई को आपस में जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि चीनी मिल से मिले दस्तावेजों का मिलान व्यापारियों
Updated on:
31 Oct 2025, 5:44 PM IST
Published on:
31 Oct 2025, 5:43 PM IST
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