
पुलिस ने फिरोजाबाद में शांतिपूर्ण मतदान की बात कही है।
जानसठ थाने में दशकों से गबन खेल चल रहा था। यहां पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से माल-मुकदमात यानी थाने में जब्त सामान धीरे-धीरे गायब किया जा रहा था। एक के बाद एक सामान पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से गायब कराया जा रहा था। वर्षों तक ये कारनामा चलता रहा और किसी को कानो-कान खबर नहीं हुई। अब महकमें के ही किसी व्यक्ति का जमीर जागा और उसने एसएसपी से शिकायत कर दी। जब जांच कराई गई तो शिकायत सही मिली। इस पर एसएसपी ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए तो पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
ऐसे खुला राज
दरअसल एसएसपी को शिकायत मिली कि जानसठ थाने से सरकारी माल और मुकदमे का माल गायब है। शिकायत पर जांच कराई गई तो पता चला कि थाने में 1895 माल मुकदमाती व 717 माल सरकारी संपत्ति के रूप में था। इसमें से जब हैड मोहर्रिर ने दूसरे हेड मैहर्रिर को चार्च दिया तो 1504 माल मुकदमाती और 611 माल सरकारी वस्तुएं ही चार्ज में दी गई है। इनके सापेक्ष 391 माल मुकदमाती और 104 सरकारी संपत्तियां गायब थी।
इनके नाम आए सामने
जांच उपरांत मना गया कि तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सूरज प्रसाद व एसआई राजकुमार समेत सेवानिवृत्त हो चुके जगदीश प्रसाद और एसआई नरेंद्र सिंह व हेड मोहर्रिर सुरेश चंद्र ने सरकारी सामान का गबन किया और अमानत में खयानत की। एसएसपी के आदेशों पर अब इन सभी के खिलाफ धारा 409 के तहत FIR दर्ज कराई गई है। खास ये भी है कि इन नामजद आरोपियों में से पूर्व इंस्पेक्टर सूरज प्रसाद की आगरा में और एसआई नरेंद्र सिंह ऐटा में तैनात हैं जबकि एसआई जगदीश प्रसाद सेवानिवृत्त हो चुके हैं। हैड मोहर्रिर सुरेश चंद तो इस दुनिया में ही नहीं हैं जबकि एसआई राजकुमार की वर्तमान तैनाती मेरठ में है। मुजफ्फरनगर कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार का कहना है कि SSP संजीव सुमन के आदेश पर पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
Updated on:
15 Oct 2023 11:05 pm
Published on:
15 Oct 2023 11:03 pm
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