
हिंदू नेता साध्वी प्राची ने शुक्रवार को मुजफ्फरनगर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने साध्वी को 25- 25 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। अब अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी।
साध्वी प्राची को कोर्ट ने पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुई थीं। इसके बाद कोर्ट ने साध्वी प्राची के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था।
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2013 में तीन युवकों हो गई थी हत्या
27 अगस्त 2013 मुजफ्फरनगर में दंगा हो गया था। दंगे में जानसठ कोतवाली क्षेत्र के कवाल गांव के सचिन, गौरव और शाहनवाज की हत्या हो गई थी। जिससे गांव में तनाव पैदा हो गया था। प्रशासन ने धारा 144 लगा दिया था।
31 अगस्त को सिखेड़ा थानाक्षेत्र के गांव नंगला मंदौड के इंटर कॉलेज में धारा 144 का उल्लंघन करते हुए शोक सभा की गई। जिसमें साध्वी प्राची भी पहुंची थीं। इसके चलते साध्वी प्राची समेत 14 लोगों के खिलाफ सिखेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है।
क्या होता है मुचलका जमानत ?
अगर किसी भी व्यक्ति को सीधे- सीधे जेल न भेजकर छोड़ा जाता है तो उससे दो तरह के बॉन्ड भरवाए जाते हैं। एक सिक्योरिटी बॉन्ड और दूसरा पर्सनल बॉन्ड। आमतौर पर अदालत दोनों तरह के बॉन्ड जारी करने का आदेश देती है। कानूनी पहलू यह कहता है कि अदालत किसी को भी सिर्फ पर्सनल बॉन्ड पर छोड़ सकती है। सामान्य भाषा में सिक्योरिटी बॉन्ड को जमानत और पर्सनल बॉन्ड को मुचलका कहा जाता है।
Updated on:
14 Jan 2023 12:34 pm
Published on:
14 Jan 2023 12:29 pm
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