
मुजफ्फरनगर। महाराष्ट्र में जहां गुरुवार को विधानसभा चुनाव के परिणाम आने पर शिवसेना भाजपा संग सरकार बनाने की योजना तैयार कर रही है तो वहीं जनपद में शिव सेना में असली और नकली की लड़ाई शुरू हो गयी है। इस कड़ी में नव नियुक्त जिलाध्यक्ष ने जनपद में पिछले दिनों 20 अक्टूबर को हुए शिव सेना के एक कार्यक्रम को सरकार विरोधी कार्यक्रम बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों पर शिवसेना के नाम का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई।
दरअसल, गुरुवार को कचहरी परिसर स्तिथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी कार्यालय पर शिव सेना लक्ष्मीनगर मुज़फ्फरनगर के पदाधिकारियों ने एक ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि गत 20 अक्टूबर को शिव सेना के नाम पर कुछ लोगों ने सरकार विरोधी कार्यक्रम किया था, जो यह कार्यक्रम शिव सेना का अधिकर्त कार्यक्रम नहीं था। ललित मोहन शर्मा स्वयं भू घोषित पदाधिकारी हैं। पूर्व में भी हम लोगों ने यूपी प्रमुख सचिव को एक पत्र दिया था। जिसमें प्रमुख सचिव को अवगत कराया गया था कि ललित मोहन शर्मा शिवसेना से निष्कासित हैं और उनके द्वारा घोषित शिवसेना के नाम पर पदाधिकारी भी अवैध हैं।
इन्हीं अवैध शिवसेना पदाधिकारियो ने दिनाक 20/10/2019 को धारा 144 का उल्लंघन करते हुए सरकार के विरोध में खुलेआम तलवारे लेकर अराजकता फैलाते हुए सरकार का पुतला फूंका है। जिसका शिवसेना से कोई सरोकार नहीं था। इसलिए हम शिवसेना जिला मुज़फ्फरनगर से आपसे मांग करते हैं कि अराजकता फैलाने वाले ऐसे फर्जी शिवसेना पदाधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
Updated on:
24 Oct 2019 08:06 pm
Published on:
24 Oct 2019 08:00 pm
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