
मुज़फ्फरनगर। जुर्म की राह पर चलकर आपराध की सजा काट रहे कैदी अब शिक्षा के जरिए अपना भविष्य सवांरने में लगे हैं। 29 अप्रैल को यूपी बोर्ड ने 2018 के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के रिजल्ट जारी किए, जिसमें कई परीक्षार्थी ऐसे हैं जो जेल में बंद किसी ना किसी अपराध की सजा काट रहे हैं। लेकिन एक नई शुरूआत के लिए उन्होंने शिक्षा को चुना और उसमे अच्छे नंबरों से पास भी हुए।
सूबे के मुजफ्फरनगर में ऐसे 6 कैदी हैं जिन्होंने हाईस्कूल औऱ इंटर की परीक्षा पास की है। इन कैदियों में हाईस्कूल और इंटर के 3- 3 अपराधियों ने परीक्षा दी थी। जिनका सेंटर गाजियबाद की डासना जेल में था।
प्रथम श्रेणी में पास होने पर मना जश्न
जेल में बंद इन अपराधियों का रिजल्ट आने के बाद जश्न का माहौल देखने को मिला, क्योंकि इन सभी अपराधियों ने परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जेल में सभी को लड्डू बटकर खुशी मनाई गई। इंटर की परीक्षा पास करने वालों में दो अपराधी प्रवीण और जोग्गा सिंह आजीवन कारावास की सजा काट रहे है, जबकि सूरज मलिक मर्डर के मामले में विचाराधीन है। वहीं हाईस्कूल की परीक्षा देकर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सोनूपाल आजीवन कारावास और अशोक यादव 7 साल की सजा काट रहे हैं तो रामदेव मर्डर के मामले में विचाराधीन है।
कई विषयों में विशेष योग्यता प्राप्त की
परीक्षा पास करने वाले जेल में बंद कैदियों के बारे में जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि परीक्षा देने वाले सभी कैदियों ने न सिर्फ परीक्षा उत्तीर्ण की बल्कि परीक्षा में प्रथम श्रेणी भी हासिल किया औऱ कई विषयों में विशेष योग्यता भी प्राप्त की है।
नकलविहीन परीक्षा के बाद संतोष जनक परीणाम
आपको बता दें की सत्ता में आने के बाद योगी सरकार के शासन काल में पहले साल की बोर्ड परीक्षा सम्पन्न कराई गई। इस बार की परीक्षा में काफी सख्ती देखने को मिली। जिससे माना जा रहा था कि परिणाम का प्रतिशत गिर सकता है। लेकिन नकलविहीन परीक्षा होने के बावजूद यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट का 72 प्रतिशत और हाईस्कूल का 75 प्रतिशत रिज़ल्ट रहा।
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Updated on:
01 May 2018 10:04 am
Published on:
01 May 2018 10:25 am
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