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मिसाल: मास्‍टर साहब ने अपनी सैलरी से बच्‍चों को दिलाए लैपटॉप, सरकार भी नहीं कर पाई ऐसा काम

हेड मास्‍टर के प्रयासों से नजीर बन गया है शामली के ब्लॉक कांधला के गांव गढ़ीश्याम का उच्च प्राथमिक विद्यालय

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shamli school

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रवि सुलानिया, शामली। सूबे ही नहीं बल्कि जनपद के ही कई स्कूल अपनी बदहाली पर रो रहे हैं। ऐसे स्कूलों के प्रबंधकों, अध्यापकों और ग्रामीणों के लिए ब्लॉक कांधला के गांव गढ़ीश्याम का उच्च प्राथमिक विद्यालय नजीर बन गया है। स्कूल के हेड मास्टर ओमवीर सिंह ने स्‍कूल में हाईटेक व्यवस्थाएं अपनी आमदनी से शुरू कराकर इसे एक स्मार्ट स्कूल बना दिया है। प्राइवेट स्कूलों की तरह बाकायदा स्कूल में स्मार्ट क्लास होती है। गरीब बच्चों को कंप्यूटर की क्लास दी जाती है। बच्चों के बैठने के लिए अच्छे फर्नीचर की व्यवस्था है।

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आधे से ज्‍यादा सैलरी खर्च करते हैं बच्‍चों पर

स्‍कूल में पीने के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है। बच्चों को नई ड्रेस, टाई, बेल्ट की व्यवस्था कराई गई है। इतना ही नहीं बच्चों को अच्छी व उच्च शिक्षा देने के लिए लैपटाॅप की सुविधा भी मुहैय्या कराई गई है। खास बात यह है क‍ि ये सब सरकार ने मुहैय्या नहीं कराया बल्कि स्कूल के हेड मास्टर ओमवीर सिंह ने अपनी सैलरी से अरेंज किया है। ओमवीर सिंह अपनी आधे से ज्यादा सैलरी बच्चों को उचित शिक्षा मुहैया कराने में खर्च कर देते हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है क‍ि मास्टर साहब अपने बेटे व बेटी को भी इसी स्कूल में पढ़ाते हैं।

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बच्‍चों के पढ़ने के लिए है डिजिटल क्‍लास रूम

हेड मास्टर ओमवीर सिंह के प्रयासों से चमक रहा यह स्कूल शामली और यूपी के तमाम बदहाल स्कूलों के लिए एक नजीर बन गया है। यह स्‍कूल कांधला के गांव गढ़ीश्याम का उच्च प्राथमिक विद्यालय है। हेड मास्टर ने अपने पैसों से बच्चों को स्‍मार्ट एजुकेशन देने के लिए लैपटाॅप तक ख़रीदे हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए डिजिटल क्लास रूम की व्यवस्था तक कराई गई है। स्कूल में हरी-भरी फुलवारी भी है। और तो और मिड-डे मील भी बहुत ही शुद्ध और स्वादिष्ट होता है। प्रत्येक बच्चे को भरपेट भोजन दिया जाता है। बच्चों के खेलने के लिए स्पोर्ट्स किट की सुविधा भी है। इतना ही नहीं स्कूल में होने वाले कल्चरल प्रोग्राम में हिस्‍सा लेने वाले बच्चों का खर्च भी हेड मास्टर और ग्रामीण उठाते हैं।

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ग्रामीणों ने भी किया सहयोग

हेड मास्टर ओमवीर सिंह ने बताया कि बच्चों को उच्च शिक्षा देने और उज्जवल भविष्य के लिए स्मार्ट स्कूल वाली तमाम सुविधाएं अपनी सेलरी व ग्रामवासियों के सहयोग से उन्‍होंने मुहैया कराई हैं। प्रधानाचार्य व ग्रामीणों ने इस प्राथमिक विद्यालय को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट तक की मान्यता प्रदान करने की गुहार लगाई है।

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