
जिला मुख्यालय का जेएलएन अस्पताल
जिले में चिकित्सा सुविधाओं को बढाने के लिए जिला मुख्यालय के जेएलएन अस्पताल परिसर में 100 बेड का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल बनाया जाएगा, जिसमें हृदय रोग, कैंसर सहित गंभीर रोग वाले मरीजों का उपचार किया जाएगा। क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल, जैसा कि नाम से पता चलता है, किसी भी गंभीर रूप से बीमार रोगी या घायल को जीवित रखने के लिए अच्छे अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में उच्च तकनीक वाले उपकरणों के माध्यम से निगरानी में रखकर उपचार किया जाएगा। क्रिटिकल केयर अस्पताल गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए सर्वोत्तम आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। इसके लिए राजमेश ने 44 करोड़ 50 लाख रुपए का बजट जारी किया है। हॉस्पिटल भवन बनाने के लिए जल्द ही जयपुर से एक टीम नागौर आने वाली है, जो जगह चिह्नित करेगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्तमान में गंभीर रूप से बीमार या फिर दुर्घटना में घायल होने से क्रिटिकल कंडीशन में पहुंचने वाले मरीजों को इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। इससे सफर के दौरान मरीज की हालत और ज्यादा खराब होने, कई बार सांसें उखड़ जाने का खतरा रहता है। ऐसे विकट संकट से मरीजों को बचाने के लिए जेएलएन अस्पताल परिसर में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल यूनिट खोलने के लिए सरकार ने बजट जारी किया है। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार बजट की स्वीकृति सितम्बर 2023 में हो गई थी, लेकिन जेएलएन अस्पताल के पीएमओ को पत्र अब भेजा गया है।
आधुनिक जांच उपकरण भी खरीदेंगे
क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के लिए राजमेश की ओर से जारी 44.50 करोड़ के बजट में 30 करोड़ 55 लाख का बजट सिविल वर्क के लिए है, जबकि 13.95 करोड़ का बजट इक्विपमेंट खरीदने के लिए दिया गया है। इस हॉस्पिटल में आधुनिक जांच उपकरण लगाए जाएंगे।
20 बीघा जमीन की आवश्यकता रहेगी
जिला मुख्यालय पर जेलएन अस्पताल के सामने बन रही मेडिकल कॉलेज व नर्सिंग कॉलेज के साथ अस्पताल परिसर में 190 बेड का नया अस्पताल भवन तैयार हो रहा है, जिसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ बालवा रोड पर आवंटित दस बीघा जमीन पर अस्पताल की मोर्चरी का विस्तार भी किया जाना है। साथ ही मेडिकल रिकॉर्ड रूम, लॉन्ड्री, रसोई आदि का निर्माण होगा। इसके साथ अस्पताल परिसर में लेक्चर थियेटर, आईसीयू, इमरजेंसी के लिए भी भवन निर्माण किया जाना है। पहले इनको अस्पताल भवन के प्रथम तल पर बनाया जाना था, लेकिन भवन की जांच करने पर सुरक्षित नहीं पाया गया, इसके बाद पार्किंग स्थल पर बनाने का निर्णय लिया गया। अब क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल की स्वीकृति आ गई है, जिसके लिए भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 8500 वर्ग मीटर जमीन चाहिए। ऐसे में करीब 20 बीघा जमीन की आवश्यकता और रहेगी, इसको देखते हुए अस्पताल प्रबंधन जल्द ही जिला कलक्टर से अस्पताल से जुड़ी 20 बीघा जमीन की मांग कर सकता है।
बढ़ेगा चिकित्सा सुविधा का दायरा
आने वाले समय में जिला मुख्यालय पर चिकित्सा सुविधाओं का दायरा बढ़ेगा। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद यहां न केवल चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि वर्तमान में जिन गंभीर मरीजों व घायलों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है, वो कम हो जाएंगे।
स्वीकृति पत्र मिला है
जेएलएन अस्पताल में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल निर्माण के लिए राजमेश ने 44.50 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है, जिसमें 30.55 करोड़ सिविल वर्क के लिए तथा 13.95 करोड़ इक्विपमेंट खरीद के लिए दिया गया है। इसकी स्वीकृति सितम्बर में ही जारी हो गई थी, लेकिन हमें पत्र अब मिला है। क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने के लिए जिला कलक्टर से अतिरिक्त जमीन की मांग की जाएगी।
- डॉ. महेश पंवार, पीएमओ, जेएलएन अस्पताल, नागौर
Published on:
28 Nov 2023 12:25 pm
बड़ी खबरें
View Allनागौर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
