
नागौर. जासूसी के आरोप में गिरफ्तार मौलाना रमजान नागौर शहर में इमाम बनकर अलग-अलग मस्जिदों में पढ़ाने का काम कर रहा था, जबकि सुभाष जांगिड़ समाज सुधार के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहा था। गुरुवार को दिल्ली क्राइम ब्रांच द्वारा दोनों को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार करने की सूचना मिलते ही यहां चर्चा का बाजार गर्म हो गया।
पुलिस जासूसों के बारे में जानकारी जुटाती, इससे पहले शहरवासियों ने उनकी जन्म कुंडली सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। दोनों जासूसों की फोटो टीवी पर आते ही शहरवासियों ने उन्हें पहचान लिया। गौरतलब है कि क्राइम ब्रांच ने रमजान व सुभाष के पास से कई अहम दस्तावेज बरामद कर किए हैं।
रमजान मूल रूप से बाड़मेर का, 20 सालों से नागौर में
जासूसी के आरोप में गिरफ्तार मौलाना रमजान पुत्र आलम उर्फ आलू मूल रूप से बाड़मेर जिले के रामसर तहसील की माणक की ढाणी निवासी है, लेकिन पिछले करीब 20 वर्षों से नागौर में ही रह रहा था। रमजान यहां कभी इत्र की दुकान चलाता तो कभी कपड़े बेचता था।
मुस्लिम समाज के लोगों ने बताया कि रमजान ने पहले शहर तिगरी बाजार स्थित मस्जिद में इमाम बनकर पढ़ाने का काम किया। इसके बाद उसे वहां से निकाल दिया तो उसने धानमंडी के पास स्थित मस्जिद में पढ़ाने का काम किया। पिछले डेढ़ साल से यहीं था।
सुभाष ने विधायक का चुनाव भी लड़ा
जासूसी का दूसरा आरोपी सुभाष जांगिड़ मूल रूप से ईनाणा गांव का रहने वाला है। सुभाष ने 2013 में खींवसर से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विधायक का चुनाव भी लड़ा था। सुभाष वर्तमान में शहर के बस्सी मोहल्ले में किराणा की दुकान करता है।
मौलाना से उसका सम्पर्क दुकानदारी करते समय ही हुआ। इसके अलावा सुभाष को क्रिकेट का शौक था, इसलिए हर रविवार को कॉलेज मैदान व स्टेडियम में क्रिकेट खेलने भी जाता था। गुरुवार को उसके जासूसी के आरोप में गिरफ्तान होने की सूचना मिलने पर क्रिकेट खिलाडि़यों को भी झटका लगा।
Published on:
27 Oct 2016 10:55 pm
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