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VIDEO…वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माली समाज के 65 जोड़े बने हमसफर

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माली समाज के 65 जोड़े बने हमसफर

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Nagaur news

-पंद्रह हजार बारातियों से सजी बारात निकली तो सडक़ें भरी नजर आई
-दूल्हे सभी एक साथ नीले रंग में नजर आए
-पूरे रास्ते थिरकते, झूमते पहुंचे बाराती चेनार तो हुआ शानदार स्वागत, पूरे रास्ते होती रही फूलों की बारिश
नागौर. चेनार में मंगलवार को 65 जोड़ों का एक साथ पाणिग्रहण हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फेरे के दौरान पति और पत्नी ने एक-दूसरे से सात वचन भी लिए। इसके पूर्व 65 दूल्हों की सामूहिक रूप से बारात एक साथ डीडवाना रोड स्थित माली संस्थान के समाज भवन से सुबह करीब नौ बजे रवाना हुई। सामूहिक बारात में चल रहे करीब पंद्रह़ हजार बारातियों से करीब आधा किलोमीटर से ज्यादा एरिया तक की सडक़ पूरी तरह से भरी रही। बैंड की धुन पर चले थिरकते बारातियों पर हुई पुष्पवर्षा से पूरा माहौल खुशनुमा बना रहा। यहां से बारात सीधा चेनार स्थित समारोह स्थल पर पहुंची तो इनका शानदार स्वागत किया गया। इसके पश्चात वैवाहिक कार्यक्रमों की रस्म शुरू हुई। विशेष बात यह रही सभी जोड़ों को तुलसी का पौधा देने के साथ ही दो गमलों में पौधरोपण कराकर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। इस दौरान कार्यक्रम में सहयोग करने वाले भामाशाहों का सम्मान भी किया गया। बाद में सभी जोड़ों को पलंग आदि उपहार दिए गए।
बारात पर हुई फूलों की बारिश
डीडवाना रोड स्थित माली संस्थान समाज भवन से माली समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में जाने के लिए सुबह करीब साढ़े नौ बजे 65 जोड़ों की बारात एक साथ निकली तो बाहर पूरा माहौल ही बदला नजर आया। क्रमबद्व तरीके से घोड़ों पर सजे दूल्हे एक साथ निकले तो फिर काफी दूर तक सडक़ पर केवल बाराती ही नजर आए। इस दौरान बारात में बज रहे बैंड की धुन से पूरा वातावरण खुशनुमा बना रहा। बैंड के संगीत पर नाचते चल रहे बारातियों पर पुष्प वर्षा होती रही। स्थिति यह रही कि माली संस्थान डीडवाना रोड से पूरे चेनार तक कई जगहों पर सडक़ पर फूलों की चादर बिछी रही। सामूहिक रूप से निकली बारात को सडक़ों के किनारे खड़े लोग देखते रहे। विभिन्न रास्तो से पहुंची बारात का उनके परिजन एवं संगठन की ओर से स्वागत किया गया। इसके पश्चात पंडित सुनील दाधीच के नेतृत्व में 71 पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह कराया।
सभी जोड़ों ने किया पौधरोपण
विवाह समारोह में वर एवं वधु से एक-एक तुलसी का पौधा लगवाने के साथ ही इनको अलग से भी पौधा देकर इसको संरक्षित करने का वचन लिया गया। इस मौके पर कहा गया कि शादी का साक्षी बने इस पौधे की दोनों को मिलकर देखभाल कर इसको विकसित करने का काम करना है। इसका प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण के साथ ही पूरे वातावरण को विशुद्ध रखना है। समाज की ओर से इस प्रकार की यह पहली बार की गई पहल लोगों के लिए अनुकरणीय रही।
भामाशाहों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में भामाशाह रामवल्लभ, बलदेव राम भाटी, मिश्रीलाल सांखला, माली समाज हैदराबाद के पूर्व अध्यक्ष रामपाल देवड़ा व सागरमल सोलंकी आदि सहित अन्य भामाशाहों का सम्मान किया गया। इसके साथ ही जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित, पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा, पूर्व प्रधान ओमप्रकाश सेन, नागौर जिला परिषद सभापति मीतू बोथरा का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में सहयोग करने वालों में मेहराम सांखला, बालकिशन, देवकिशन भाटी, इन्द्रचंद कच्छावा, धर्मेंद्र सोलंकी, पारसमल परिहार, कमल भाटी, टीकमचंद कच्छावा, रूपचंद टाक, चेतन भाटी, घनश्याम कच्छावा, राधेश्याम टाक, मनोज गहलोत, रामकिशोर गहलोत, रामेश्वर माली, बजरंग सांखला, दीपक गहलोत, दीपक सांखला, नरेन्द्र पंवार, आनंदसिंह कच्छावा व हनुमान टाक आदि के प्रति आभार जताया गया।
30 हजार से ज्यादा लोगो ंने किया भोजन
समारोह में शामिल होने वालों में तकरीबन 50 हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था थी। संस्थान के पदाधिकारियों के अनुसार लगभग 35 हजार लोगों भोजन किया। महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग पंडाल लगाया गया था। इसके साथ ही परिसर में बैठकर भोजन करने की व्यवस्था भी की गई थी।
दुल्हनों को बस से पहुंचा गया
दूल्हे तो घोड़ी पर सवार होकर मंडप पहुंचे, लेकिन 65 दुल्हनों को बस से उनके परिजनों के साथ चेनार पहुंचाया गया। बारात चेनार पहुंची तो दुूल्हों का उनकी सास ने परंपरानुसार स्वागत किया।
कार्यकर्ताओं की लगी रही टीम
संस्थान के पदाधिकारियों के अनुसार इसमें व्यवस्थाओं को संभालने के लिए तकरीबन डेढ़ सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं की टीम व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने में लगी रही। भोजन के साथ ही पानी के लिए अलग जगह पर कैंपर आदि रखवाए गए थे।
इस बार लगी लोहे की जाली
वैवाहिक समारोह की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए समिति की ओर से इस बार पूरे वैवाहिक कार्यक्रम के मंडप को चारों ओर से लोहे की जालियों से घेरवाया गया था। अंदर केवल दूल्हा, दूल्हन, परिजन ही थे। शेष लोग बाहर से पूरे कार्यक्रम को देखते नजर आए।