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प्रदेश में चोरी के प्रकरणों में 7 फीसदी हो पाई माल बरामदगी, नागौर में स्थिति बेहतर

सम्पत्ति संबंधी अपराधों में वर्ष 2023 की तुलना में 2024 में आधी भी नहीं हुई बरामदगी, नकबजनी व चोरी के प्रकरणों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब, वर्ष 2024 में 2.17 अरब की सम्पत्ति चोरी की गई, जिसमें से 24.58 करोड़ की बरामदगी हुई

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चोरी के बाद बिखरा पड़ा सामान।

नागौर. प्रदेश में सम्पत्ति संबंधी अपराधों में माल बरामदगी में पुलिस ज्यादा सफल नहीं हो पा रही है। वर्ष 2024 में दर्ज हुए सम्पत्ति संबंधी अपराधों में पुलिस ने चालान प्रतिशत भले ही बढ़ा लिया, लेकिन चोरी हुई सम्पत्ति की बरामदगी वर्ष 2023 की तुलना में आधी भी नहीं रही। वर्ष 2023 में जहां पुलिस ने 28.44 प्रतिशत सम्पत्ति बरामद की, वहीं 2024 में मात्र 11.25 प्रतिशत सम्पत्ति बरामद हो पाई। हालांकि नागौर जिले में स्थिति ठीक है, यहां चोरी हुई सम्पत्ति बरामदगी का प्रतिशत 25.73 रहा।

राजस्थान पुलिस की ओर से तैयार की गई वर्ष 2024 की रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष सम्पत्ति संबंधी अपराधों में कुल दो अरब, 17 कराड़, 98 लाख, 30 हजार, 876 रुपए की सम्पत्ति चोरी हुई, जिसमें से पुलिस ने 24 करोड़, 58 लाख, 34 हजार, 528 रुपए की सम्पत्ति बरामद की, जो कुल चोरी हुई सम्पत्ति का मात्र 11.25 प्रतिशत है। लेकिन नागौर जिले की स्थिति प्रदेश की स्थिति से बेहतर है, नागौर में बरामदगी का प्रतिशत 25.73 रहा।

प्रदेश में सम्पत्ति संबंधी अपराधों में चालानी व बरामदगी प्रतिशत

अपराध - चालान प्रतिशत - बरामदगी प्रतिशत

डकैती - 93.18 - 81.10

लूट - 76.08 - 22.73

नकबजनी - 28.52 - 5.06

चोरी - 30.78 - 7.06

कुल - 71.21 - 11.25

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में कुल दर्ज प्रकरणों में निस्तारित प्रकरणों का चालानी प्रतिशत 71.21 रहा, जबकि 30.45 प्रतिशत प्रकरण अदम वकू यानी झूठे पाए गए।

वर्ष 2024 में दर्ज सम्पत्ति संबंधी अपराध

नागौर जिला :

अपराध - दर्ज प्रकरण

डकैती - 3

लूट - 21

नकबजनी - 189

चोरी - 659

डीडवाना-कुचामन जिला :

अपराध - दर्ज प्रकरण

डकैती - 5

लूट - 15

नकबजनी - 102

चोरी - 433

डकैती व लूट में ठीक, चोरी में फिसड्डी

डकैती और लूट के मामलों का खुलासा करने में प्रदेश पुलिस की स्थिति ठीक है, लेकिन नकबजनी और चोरी के मामलों को पर्दाफाश करने में पुलिस फिसड्डी साबित हो रही है। शहर से लेकर गांव तक चोरी की घटनाओं से आतंक मचाने वाले चोरों तक पहुंचने में पुलिस की सांस फूल रही है। प्रदेश में डकैती के दर्ज मामलों में 81 प्रतिशत से अधिक में माल बरामदगी हुई है, लेकिन नकबजनी में मात्र 5.06 और चोरी के मामलों में 7.06 प्रतिशत मामलों में ही बरामदगी हो पाई है।

नागौर की स्थिति ठीक है

सम्पत्ति संबंधी अपराधों में माल बरामदगी का प्रतिशत नागौर जिले में प्रदेश के औसत से अच्छा है। नागौर में वर्ष 2024 में कुल चोरी हुई सम्पत्ति का 25.73 प्रतिशत बरामद किया गया।

- नारायण टोगस, पुलिस अधीक्षक, नागौर

सदर थाना पुलिस ने किए 10 मोबाइल बरामद

नागौर. चोरी व गुम हुए मोबाइल फोन की शिकायतों पर सदर थाना पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 1.70 लाख रुपए की कीमत के कुल 10 मोबाइल फोन बरामद किए।थानाधिकारी सुरेश कस्वां ने बताया कि सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायत से अब तक सदर थाना पुलिस ने कुल 118 मोबाइल बरामद कर वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किए हैं। उन्होंने आमजन से कहा कि मोबाइल गुम/चोरी होने पर तत्काल सीईआईआर पोर्टल पर आईएमईआई का इन्द्राज करके अपने मोबाइल फोन को ब्लॉक करवाएं।

पानी चोरी करने का एक और आरोपी गिरफ्तार

नागौर. जायल थाना क्षेत्र में नहरी पाइपलाइन से पानी की चोरी कर खेती करने के प्रकरण में पुलिस ने एक और आरोपी नाथूराम को गिरफ्तार किया है। इससे पूर्व पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने तरनाऊ सरहद में सरकारी नहरी पेयजल पाइप लाइन से अवैध रूप से जल कनेक्शन किया हुआ था। ये लोग खेत में बनाई डिग्गी में पानी भरने के बाद कृषि उपयोग ले रहे थे। जायल थानाधिकारी मुकेश कुमार वर्मा ने टीम के साथ कार्रवाई कर वांछित आरोपी मातासुख निवासी नाथूराम धेडू को गिरफ्तार किया है।

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