नागौर. शहर की जर्जर व बेकार चुकी गड्ढायुक्त सडक़ों पर ऑटो वाहनों का सवारियों सहित सफर करना मुश्किल होने लगा है। पुराना अस्पताल से गांधी चौक एवं मूण्डवा चौराहा से ां से बस स्टैंड तक सफर करने के दौरान खराब सडक़ों पर ऑटो वाहनों का न केवल डीजल व्यय ज्यादा होता है, बल्कि सवारियों को भी मुश्किलें होती है। इस संबंध में ऑटो चालकों से बातचीत हुई तो बताया कि शहर के ज्यादातर हिस्सों की सडक़ें टूटी हुई है। विशेषकर बाजारों एवं आवासीय क्षेत्रों की हालत ज्यादा खराब है। सडक़ें अच्छी मिल जाएं तो फिर निश्चित रूप से कम से कम रोजाना का एक लीटर डीजल बच सकता है।
सुबह से ही सवारियों साथ लगने लगते झटके
शहर में ऑटो चालकों का सडक़ों पर सवारियों के साथ सुबह से ही सफर शुरू हो जाता है। पुराना अस्पताल से नया दरवाजा, नया दरवाजा से सूफी साहब की दरगाह, कलक्ट्रेट से गांधी चौक, दिल्ली दरवाजा से केन्द्रीय बस स्टैंड तक का सफर यात्रियों के साथ पूरे दिन चलता रहता है। इन सभी रास्तों पर सफर के दौरान ज्यादातर जगहों पर सडक़ों की हालत बेहद खराब रहती है। इस संबंध में ऑटोरिक्सा यूनियन की ओर से कई बार प्रशासनिक स्तर पर ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन समस्या नहीं सुलझी।
इन समस्याओं का होना चाहिए समाधान
ऑटो चालकों में रमेश आचार्य, ललित आचार्य, तिलोकचन्द, सुरेश सांखला, बबलू, सुरेश, इमरान आदि से बातचीत हुई तो बताया कि कलक्ट्रेट से गांधी चौक जाने के दौरान रास्तों में कई जगहों पर गड्ढे हैं। गड्ढों के साथ ही सडक़ के दोनों ओर की स्थिति खराब होने के चलते ऑटो का चलाना ही मुश्किल हो जाता है। विशेषकर गांधी चौक पहुंचने पर यहां ऑटो वाहन पार्किंग की जगह दूसरे वाहन खड़े रहते हैं। यहां से बी रो या ए रोड की ओर निकलो या फिर बंशीवाला की ओर, रास्तों की हालत इतनी ज्यादा खराब रहती है कि ऑटो चलाना ही मुश्किल हो गया है।
बहुत परेशानी होती है…
शहर के सडक़ों की हालत बेहद खराब है। सुगन सिंह सर्किल से अहिंसा सर्किल एवं पूरे नया दरवाजा क्षेत्र में सडक़ कई जगह से टूटी हुई है। इसके चलते कई बार वाहन भी असंतुलित हो जाता है।
कुशल बिदावत, ऑटो चालक
टूटी हैं सडक़ें
गांधी चौक से दिल्ली दरवाजा जाने के दौरान सडक़ कई जगहों से टूटी हुई है। टूटी सडक़ों की वजह से वाहन में डीजल भी ज्यादा लगता है। यही स्थिति दोपहिया वाहनों की है। सडक़ सही हो तो समय भी आने-जाने में कम लगे।
नारायणराम काला
डीजल ज्यादा लग जाता है
केवल खराब सडक़ों की वजह से वाहनों में डीजल एवं पेट्रोल का व्यय ज्यादा होता है। सूफी साहब की दरगाह से डोडी पीर शरीफ एवं यहां से दिल्ली दरवाजा जाने के दौरान कई जगहों पर गाड़ी चलाना ही मुश्किल हो गया है।
सोहनलाल बिश्नोई, ऑटो चालक
सीवरेज चेंबर्स भी खराब
शहर में कई जगहों पर सीवरेज के चेंबर्स भी खुले हैं तो कुछ जगहों पर टूटे हुए हैं। इसकी वजह से भी न केवल समय ज्यादा लगता है, बल्कि डीजल का व्यय भी ज्यादा होने के कारण नुकसान होता है।
दौलत खान, ऑटो चालक
इनका कहना है…
शहर के सडक़ों की स्थिति बेहद खराब है। स्थिति यह है कि 80 प्रतिशत एरिया में एक अदद अच्छी सडक़ तक नहीं है। इसके लिए यूनियन की ओर से ज्ञापन आदि भी दिए गए। इसके बाद भी सडक़ें नहीं बन रही है।
रूपसिंह पंवार, अध्यक्ष, ऑटोरिक्शा यूनियन नागौर