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VIDEO…माली समाज के 65 जोड़ों के विवाह सम्मेलन में मिठाइयां व भोजन तैयार करने में 50 हलवाई व 100 महिला सहायकों की लगी टीम

पचास बीघा के एरिया में पांच बड़े पंडाल लगाए, बीस भट्टियों में पचास हजार से ज्यादा मेहमानों के लिए तैयार होगा भोजन, डेढ़ हजार क्विंटल से ज्यादा शक्कर, 100 किलो काजू व 100 किलो बादाम से तैयार हो रही मिठाइयां, राम-जानकी मंडप में होगी विवाह की रस्म

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Nagaur news

नागौर. माली समाज के चौथे सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियां तेजी से चल रही है। इसके लिए चेनार में करीब 50 बीघा के एरिया में डोम बनाए जाने के साथ पंडाल आदि को बनाए जाने का काम तेज कर दिया गया है। समारोह में कुल 65 जोड़ों का विवाह होगा। इसके लिए पांच बड़े मंडप और छोटे करीब एक दर्जन पंडाल लगेंगे। कार्यक्रम में लगभग 50 हजार से ज्यादा मेहमानों को भोजन आदि बनाकर खिलाया जाएगा। इसके लिए 50 हलवाई मिठाइयां आदि तैयार करने में लगे हुए हैं। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 11 बजे घृतपान से होगा। घृतपान की रस्म और दोपहर में सवा दो बजे विनायक पूजन माली समाज के डीडवाना रोड स्थित संस्थान के भवन में होगा। शाम को सात बजे से नौ बजे तक महिला संगीत में डांडियां का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर
माली समाज का चेनार रोड स्थित संत लिखमीदास स्मारक परिसर का मैदान सजने लगा है। इसमें विवाह आदि की रस्म अदायगी एवं हवन आदि के लिए कार्यक्रम राम-जानकी मंडप में होगा। भोजन की व्यवस्था महिला एवं पुरुषों के लिए अलग से की गई है। इसके लिए भोजनशाला को अन्नपूर्णा मंडप का नाम दिया गया है। इसके अलावा र रसोई, सभाकक्ष आदि का पंडाल भी अलग से रहेगा। सामूहिक विवाह में हमसफर बनने वाले 65 जोड़ों के लिए अलग-अलग 65 ही हवन कुण्ड भी रहेंगे।
यह रहेगा पंडालों का आकार
विवाह आदि कार्यक्रम के लिए बना डोम 164 फीट लंबा, और 85 फीट चौड़ा, सभामंडप 200 फीट लंबा व 90 फीट चौड़ा रहेगा। उपहार सामग्री स्थल को धनपूर्णा मंडप का नाम दिया गया है। यहां पर वर-वधु को दिए जाने वाले सामान आदि रखे रहेंगे। इसको 300 फीट लंबा और 45 फीट चौड़ा बनाया गया है।
बीस भट्टियों में होगा तैयार भोजन, 100 किलो बादाम आया
भोजन तैयार करने के लिए परिसर में 20 भट्टियां लगाई गई है। इसमें मेहमानों का भेाजन तैयार किया जाएगा। भोजन तैयार करने में 50 हलवाईयों के साथ ही तकरीबन 100 महिला सहायकों की टीम रहेगी। खाद्य सामग्रियों में 100 किलो काजू, 100 किलो बादाम, डेढ़ क्विंटल गोंद, दो क्विंटल खोपरा, गोंद पाक 250 किलो आटा, 250 किलो घी, 770 किलो मावा, 1750 किलो शक्कर और 200 किलो घी अलग से गुलाब जामुन के लिए मंगाया गया है।
यह भोजन मेहमानों को मिलेगा
विवाह सम्मेलन में पहले दिन घृतपान के दिवस पर लापसी, कडी, सब्जी व पूड़ी रहेगी। 12 मार्च यानि की मंगलवार को बारात निकासी दौरान भोजन प्रसादी में गुलाब जामुन, गुंद पाक, पकौड़ी, सब्जी, पूरी, अचार की व्यवस्था रहेगी। भोजन प्रसादी में जिसमें गुलाब जामुन, गुंद पाक, पकौड़ी, सब्जी-पूडी, अचार की व्यवस्था रहेगी।
सुबह आठ बजे बारात निकासी
डीडवाना रोड स्थित माली समाज के भवन से सुबह आठ बजे एक साथ 65 दूल्हों की बारात निकासी होगी। बारात चैनार रोड स्थित सामूहिक विवाह स्थल पर पहुंचेगी। जहां तोरण के बाद चंवरी में विवाह परिणय रीति रिवाजों से संपन्न होंगे।
वर-वधु को मिलेगा यह उपहार
विवाह के दौरान वर-वधु को मंगलसूत्र, पायजेब, अंगूठी, बीछुड़ी, पलंग बिस्तर सहित, लकड़ी का बाजोट, आलमारी, 11 बर्तनों का सेट, वर-वधु वस्त्र, कूलर, गैस का चूल्हा, बीस लीटर का पानी केंपर, गर्म टिफिन, मिक्सी, दीवार घड़ी, थाली सेट, स्टील टंकी, दो कुर्सी, इडली कुकर और लिखमीदास महाराज की तस्वीर दी जाएगी।
छह साल पहले हुआ था पहला समारोह
बताते हैं कि माली समाज के पहले वैवाहिक सम्मेलन की प्रेरणा हैदराबाद में हुए वर्ष 2003 में एक वैवाहिक सम्मेलन को देखकर मिली थी। इसके पश्चात वर्ष 2018 में पहला सामूहिक विवाह सम्मेलन में 80 जोड़े, फिर 2020 में 94 जोड़े और 2022 में 141 जोड़े हमसफर बने। अब चौथे यानि की इस विवाह सम्मेलन में 65 जोड़े हमराह बनेंगे।