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एएलसी से पूछा- बैठक में रहते हुए कैसे किया 187 आवेदनों का निस्तारण

श्रम विभाग के अतिरिक्त श्रम आयुक्त ने नागौर के सहायक श्रम आयुक्त को दिया कारण बताओ नोटिस- विभाग ने एएलसी को दी गई श्रम निरीक्षक की आईडी भी बंद कर दी

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सहायक श्रम आयुक्त office

सहायक श्रम आयुक्त office

नागौर. नागौर के सहायक श्रम आयुक्त भवानी प्रताप सिंह चारण को राजस्थान सरकार के भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण मंडल के अतिरिक्त श्रम आयुक्त एवं संयुक्त सचिव ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही विभाग की ओर से एएलसी को जारी की गई श्रम निरीक्षक की आईडी भी बंद कर दी है।
संयुक्त सचिव ने सहायक श्रम आयुक्त चारण से पूछा है कि जब वे 19 दिसम्बर को श्रम विभाग जयपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में श्रम सचिव राजस्थान की अध्यक्षता में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक में उपस्थित थे तो आपकी आईडी से 187 आवेदनों का निस्तारण कैसे किया गया। इनमें से 158 आवेदन स्वीकृत भी किए गए। मंडल ने पूछा कि आपकी अनुपस्थिति में अन्य व्यक्ति / दलाल के माध्यम से आपकी आई.डी. का संचालन करने का कृत्य घोर अनियमितता, कृतव्यों के प्रति लापरवाही एवं विभागीय गोपनीयता को भंग करने वाला है। इसलिए इसका अविलम्ब कारण स्पष्ट करें कि क्यूं नहीं इसके लिए आपके विरुद्ध राजस्थान सेवा नियमों के प्रावधानों के अन्तर्गत नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई आरम्भ की जाए।
गौरतलब है कि 19 दिसम्बर को नागौर के सहायक श्रम आयुक्त भवानी प्रताप सिंह चारण जयपुर में श्रम विभाग के कॉन्फ्रेन्स हॉल में श्रम सचिव, राजस्थान की अध्यक्षता में विभागीय कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे, जिसका कार्यालय में रिकॉर्ड दर्ज है। इसके बावजूद उस दिन चारण की आई.डी. से निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना के आवेदनों की स्वीकृतियां जारी की गई। इसको लेकर राजस्थान पत्रिका ने 20 दिसम्बर को समाचार प्रकाशित कर उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया था। उधर, नागौर जिले के एक जागरूक व्यक्ति ने मंडल को मेल भेजकर बताया कि एएलसी ने दलालों के माध्यम से 19 दिसम्बर को आईडी चलवाकर श्रम विभाग को नुकसान पहुंचाया है। इस पर मण्डल की आई.टी. शाखा ने जांच की तो पाया कि एएलसी की ओर से ओ.टी.पी. दिए जाने पर ही 19 दिसम्बर को उनकी आई.डी. दो बार 9.25.52 एएम तथा 9.9.29 एएम पर लॉग-इन हुई थी। उक्त तिथि को निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना के कुल 187 आवेदनों का निस्तारण किया गया तथा इनमें से 158 आवेदन स्वीकृत किए गए। मंडल ने नोटिस में एएलसी से पूछा कि आपकी अनुपस्थिति में अन्य व्यक्ति / दलाल के माध्यम से आपकी आई.डी. का संचालन करने का कृत्य घोर अनियमितता, कृतव्यों के प्रति लापरवाही एवं विभागीय गोपनीयता को भंग करने वाला है।

इन बिन्दुओं पर मांगा जवाब
- मंडल के अतिरिक्त श्रम आयुक्त एवं संयुक्त सचिव ने कारण बताओ नोटिस में एएलसी चारण से पूछा कि आपने किस व्यक्ति को आई.डी. चलाने के लिए ओ.टी.पी. दिया।
- आपकी अनुपस्थिति में किस आधार पर किसी अन्य व्यक्ति को आवेदन निस्तारित करने के लिए अधिकृत किया गया।
- कई आवेदन अल्पावधि में निस्तारित हुए हैं, जिससे प्रतीत होता है कि आवेदनों का निस्तारण गुण-अवगुण के आधार पर नहीं किया गया है।

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