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साडोकन में चला प्रशासन का पीला पंजा, गोचर-अंगोर की 22 बीघा जमीन अतिक्रमण मुक्त

जिला कलक्टर के निर्देशन में नागौर उपखंड अधिकारी गोविन्दसिंह भींचर के सुपरविजन व तहसीलदार नरसिंह टाक के नेतृत्व में दिनभर चली कार्रवाई के दौरान गोचर व अंगोर भूमि पर किए गए कच्चे-पक्के निर्माण हटाया

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साडोकन में चला प्रशासन का पीला पंजा

साडोकन में चला प्रशासन का पीला पंजा

नागौर / रोल. जिले के साडोकन गांव में गोचर व अंगोर भूमि पर किए गए अतिक्रमण पर गुरुवार को राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए 22 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया। जिला कलक्टर के निर्देशन में नागौर उपखंड अधिकारी गोविन्दसिंहभींचर के सुपरविजन व तहसीलदार नरसिंह टाक के नेतृत्व में दिनभर चली कार्रवाई के दौरान गोचर व अंगोर भूमि पर किए गए कच्चे-पक्के निर्माण हटाकर अतिक्रमियों को साफ संदेश दिया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

तहसीलदार टाक ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर तहसीलदार नागौर ने राजस्थान भू राजस्व अधिनियम 1956 धारा 91 के तहत प्रकरण दर्ज कर बेदखली के आदेश दिए, जिस पर गांव के 28 अतिक्रमियों ने उच्च न्यायालय की शरण ली, जिसमें उच्च न्यायालय ने 28 व्यक्तियों की रिट स्वीकार कर स्थगन आदेश पारित किया, जिसमें भी प्रशासन की ओर से प्रभावी पैरवी की जा रही है। अतिक्रमण हटाने में ग्राम पंचायत साडोकण ने सहयोग प्रदान किया। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोल थानाधिकारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान विरोध एवं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।

पत्रिका ने उठाया मामला

साडोकन गांव की गोचर और नाडी की अंगोर भूमि पर करीब 150 लोगों की ओर से किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए पिछले 18 साल से लड़ाईलड़ रहे बुजुर्ग हरकाराम ने पत्रिका के माध्यम से गत 23 मार्च को अपनी पीड़ा जाहिर की थी। जिसे पत्रिका ने ‘18 साल से भटक रहा हूं, सरकारी जमीन से कब हटेगा अतिक्रमण?’ शीर्षक से फ्रंट पेज पर समाचार प्रकाशित कर राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। समाचार प्रकाशित होने के बाद सरकार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वर्ष 2013 में दर्ज 77 अतिक्रमणों के विरुद्ध विभिन्न चरणों में कार्रवाई कर गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया तथा शेष प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई जारी है। इसी के तहत गुरुवार को जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ तीन जेसीबी मशीनों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।

प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

गौरतलब है कि साडोकन निवासी हरकाराम व अन्य ने गोचर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर उच्च न्यायालय जोधपुर में रिट याचिका दायर की थी। इस पर न्यायालय ने डीबी सिविल पिटीशन संख्या 11629 को स्वीकार करते हुए संबंधित प्रशासन को विधिवत अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। न्यायालय के निर्देशों के बाद तहसीलदार नागौर ने राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 91 के तहत प्रकरण दर्ज कर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बेदखली आदेश जारी किए थे। लेकिन लम्बे समय से कार्रवाई नहीं हो रही थी। इसको लेकर हरकाराम ने पिछले 18 सालों में कई ज्ञापन अधिकारियों एवं मंत्रियों को दिए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो राजस्थान पत्रिका ने 23 मार्च के अंक में '18 साल से भटक रहा हूं, सरकारी जमीन से कब हटेगा अतिक्रमण?' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर नागौर जिले के साडोकन निवासी हरकाराम की आवाज को प्रमुखता के साथ बुलंद किया था। समाचार में यह भी बताया गया था कि वर्ष 2012 में राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने भी जिला प्रशासन को सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे, इसके बावजूद हरकाराम की आंखें न्याय की बाट जोह रही हैं।