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मिलावट पर हुई चोट तो बंद हो गई दुकानें

खाद्य पदार्थों में मिलावट पकड़ी जाने के बाद कई व्यापारियों ने बंद कर दिया धंधा- नागौर जिले में कुल 430 खाद्य पदार्थों के नमूनों में से 165 नमूने पाए गए मिलावटी- विभाग को मिलावट के 74 प्रकरणों से ही मिला 18.73 लाख का जुर्माना

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नागौर. जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ पिछले दो-तीन सालों में कार्रवाई बढ़ी तो कइयों ने दुकानें ही बंद कर ली। जिले में चिकित्सा विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने राज्य सरकार के निर्देश पर पिछले दो-तीन वर्षों में कार्रवाई को दुगुना करते हुए में नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे, जहां करीब 40 फीसदी नमूनों में गड़बड़ पाए जाने पर उनके खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई करने के लिए प्रकरण न्यायालय में पेश किए गए। न्यायालय ने भी जमकर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं न्यायालय की कार्रवाई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2020 व 21 में कुल 430 नमूने लिए गए, जिनमें से 165 मिलावटी पाए गए। मिलावट करने वालों में से 74 जनों के खिलाफ ही न्यायालय ने 18.73 लाख का जुर्माना लगाया है। 91 के खिलाफ अभी कार्रवाई शेष है। विभाग की ओर से वर्ष 2020, 21 व 22 में की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप कुछ लोगों ने अपनी दुकानें ही बंद कर दी। जो लोग मावा, मिठाई, तेल व घी बेचने का काम कर रहे थे, उनके खिलाफ कार्रवाई हुई तो उन्होंने धंधा ही बदल दिया।

त्योहारी सीजन शुरू, लेकिन कार्रवाई नहीं
इस बार दीपावली का त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन जिले में अब तक मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। प्रदेश में मचे सियासी घमासान के चलते राज्य सरकार कार्रवाई के आदेश देना ही भूल गई। गौरतलब है कि गत वर्ष दीपावली से दो माह पूर्व मिलावट के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया था तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी के साथ अन्य विभागों के अधिकारियों को लगाते हुए एक टीम बनाई थी। लेकिन इस बार अब तक अभियान शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं।

नागौर- पांच साल की कार्रवाई पर एक नजर
वर्ष - कुल नमूने - फेल
2017 - 86 - 34
2018 - 131 - 44
2019 - 159 - 56
2020 - 240 - 85
2021 - 190 - 80
2022 - 243 - 95
इस वर्ष के आंकड़े मई तक के हैं।

इन खाद्य पदार्थों की होती है जांच
दीपावली व होली के त्योहार सहित आम दिनों में खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को लेकर जिले में चलाए जाने वाले शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत मुख्य रूप से दूध, मावा, पनीर एवं अन्य दुग्ध उत्पादों, आटा, बेसन, खाद्य तेल व घी, सूखे मेवे तथा मसालों की जांच की जाती है।

अभी तक कोई निर्देश नहीं
त्योहारी सीजन को लेकर सरकार की ओर से अब तक कोई विशेष निर्देश नहीं मिले हैं। हालांकि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत रुटिन कार्रवाई वर्ष भर चलती है। मुझे दो दिन जयपुर मुख्यालय पर सेवा देने के निर्देश हैं, इसलिए मैं नागौर में तीन दिन ही रहता हूं।
- विशाल मित्तल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नागौर