
मोररा स्कूल के ताला लगा धरने पर बैठे ग्रामीण।
मेड़ता सिटी. समीपस्थ मोररा गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम से अभिभावक और ग्रामीण इस कदर खफा हुए कि बुधवार सुबह वह स्कूल पहुंच गए और सभी शिक्षकों को बाहर निकाल कर विद्यालय के ताला जड़ दिया। दरअसल इस स्कूल में 10वीं के केवल 2 छात्र ही उतीर्ण हुए। ग्रामीणों ने शिक्षकों पर अध्यापन नहीं कराने का आरोप लगाया और स्टॉफ बदलने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। जानकारी अनुसार मोररा गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 10वीं कक्षा में अध्ययनरत्त 17 विद्यार्थियों में से 15 विद्यार्थी फेल हो गए। जब 10वीं बोर्ड का परिणाम आया तो केवल स्कूल के 2 विद्यार्थी ही बोर्ड परीक्षा में उतीर्ण हो सके। परिणाम के बाद जैसे-जैसे ग्रामीणों को बच्चों के रिजल्ट का पता चला उनमें रोष बढ़ता गया। सरपंच सुखाराम हुड्डा के नेतृत्व में सुबह ग्रामीण विद्यालय पहुंचे और रोष व्यक्त करते हुए शिक्षकों व पूरे स्कूल स्टाफ को विद्यालय से बाहर निकाल कर स्कूल के ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में कार्यरत्त शिक्षकों की लापरवाही से ही स्कूल का 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम इनता कमजोर रहा है। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को सही ढंग से अध्यापन कार्य नहीं करवाया, जिससे विद्यार्थी पढ़-लिख नहीं पाए और इसका परिणाम यह रहा कि 17 में से केवल 2 ही विद्यार्थी उतीर्ण रहे और 15 विद्यार्थी अनुतीर्ण हो गए।
उच्चाधिकारियों को कराया अवगत
सरपंच हुड्डा ने जिला शिक्षा अधिकारी, एसडीएम मेड़ता सहित उच्चाधिकारियों पत्र प्रेषित कर मोररा स्कूल का परिणाम बेहद कमजोर रहने पर पूरे स्टॉफ का स्थानांतरण कर नया स्टॉफ लगवाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में बताया कि गांव में नया स्टॉफ लगाया जाए, ताकि परीक्षा परिणाम अच्छा रहने के साथ विद्यार्थी पढ़-लिखकर आगे बढ़ सके। ग्रामीणों ने बताया कि अगर स्टॉफ नहीं बदला तो वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे और धरना जारी रखेंगे।
Published on:
20 Jun 2018 11:54 pm
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