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राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी ने की सुनवाई

बाल अधिकारों से जुड़े प्रकरणों का निस्तारण करने के लिए एक छत के नीचे एकत्रित हुए कई विभाग

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 राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी ने की सुनवाई

नौनिहालों को मौके पर मिला दिव्यांगता का प्रमाण, सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में भी आवेदन स्वीकृत हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की खंडपीठ की ओर से नागौर के जायल तहसील में आयोजित हुआ शिविर आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी ने की सुनवाई और मौके पर हुआ विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण बाल अधिकारों से जुड़े प्रकरणों का निस्तारण करने के लिए एक छत के नीचे एकत्रित हुए कई विभाग

 राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी ने की सुनवाई

नागौर। बाल अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित प्रकरणों के निराकरण हेतु राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की खंडपीठ के द्वारा जायल के अंबेडकर भवन सभागार में गुरुवार को एकदिवसीय शिविर आयोजित किया गया। राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं जिला प्रशासन नागौर के सहयोग से आयोजित किए गए इस शिविर में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रजिस्ट्रार श्रीमती अनु चौधरी ने जनसुनवाई की और बच्चों के अधिकारों से जुड़े विभिन्न तरह के प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया और संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

 राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी ने की सुनवाई

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी ने जायल के अंबेडकर भवन पहुंची और यहां लगाए गए शिविर में विभिन्न विभागों की स्थलों का निरीक्षण किया। आयोग की रजिस्ट्रार ने शिविर में यहां चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग आयुर्वेद विभाग राजस्व विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग बाल अधिकारिता विभाग, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया। यहां शिविर स्थल पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की आईईसी प्रदर्शनी में आरबीएसके के तहत कैशलेस ओपन हार्ट सर्जरी करवा चुके किशोर भोमराज एवं 4 वर्षीय नन्हे-मुन्ने सूर्यांश ने पुष्प कुछ भेंट कर आयोग के रजिस्ट्रार का स्वागत किया।

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इसके बाद आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी ने शिविर में विभिन्न प्रकरणों को लेकर अपने बालकों को लेकर आए अभिभावकों व किशोर किशोरियों की टोकन नंबर के अनुसार जनसुनवाई की। इस दौरान रजिस्ट्रार अन्नू चौधरी ने नामांकित हुए परिवाद पर टोकन नम्बर के अनुसार बच्चो के लंबित कार्यो के लिए संबंधित अधिकारियों को काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चो के कार्यो में किसी प्रकार की देर ना कि जाए, दस्तावेज़ मिलने के साथ ही प्राथमिकता से उनका कार्य हो।

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शिविर के तहत दिव्यांगजन प्रमाण पत्र, पालनहार से जोड़ने, आधार कार्ड बनाने, बैंक खाते खुलवाने, जन्म प्रमाण पत्र मूल निवासी प्रमाण पत्र जाति प्रमाण पत्र पोक्सो पीड़ित प्रतिकर सहायता राशि, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट की सूची में नाम शामिल करने सहित 525 से अधिक प्रकरण पंजीकृत हुए। इस दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके टीम द्वारा बच्चों की हेल्थ स्क्रीनिंग भी की गई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर रिछपाल सिंह बुरड़क की साक्षी में आयोजित हुए इस जनसुनवाई एवं शिविर में उपखंड अधिकारी ओमप्रकाश वर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ महेश वर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक किशनाराम लोल, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक सुरेंद्र पूनिया, उप अधीक्षक पुलिस ताराचंद चौधरी, जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मनोज सोनी, नायब तहसीलदार रामधन विश्नोई, नगर पालिका जायल के अधिशासी अधिकारी शिवराज, किशोर गृह के अधीक्षक जगदीश, बाल अधिकार संरक्षण आयोग में कंसलटेंट एडवोकेट स्वास्ति प्रिया व मोनिका चौधरी, विकलांग विकास सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष पापा लाल सांखला, एनएचएम के डीपीएम राजीव सोनी, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ गणेश आसोपा, जिला बाल कल्याण समिति की सदस्य निधि हेड़ा, नत्थूराम मेघवाल, गोपाल राम फूलफगर व प्रोटेक्शन ऑफिसर डॉक्टर लक्ष्मण कुमार, ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी उमरदीन छींपा व आरबीएसके जिला कोऑर्डिनेटर डॉ शुभकरण धोलिया आदि अधिकारियों व कार्मिकों ने सेवाएं दी। वहीं दूसरी ओर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिव्यांगता जांच शिविर में नाक कान गला रोग विशेषज्ञ महेंद्र सिंह गढ़वाल, मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रियंका रोहिल्ला, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीणा, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रदीप बगड़िया, ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक राजेंद्र सिंह चौहान, आरबीएसके ब्लॉक कोऑर्डिनेटर डॉ जावेद व डॉ विकास सहित उर्मूल खेजड़ी संस्थान के धनाराम व देवाराम ने अपनी सेवाएं दी।