2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

वीडियो में देखिए कैसे रिश्तों के ‘रिसाव’ के बीच मां की ‘हूक’ से बेटा जागा तो गूंज उठा अस्पताल

बेटे से मिलाने को स्ट्रेचर पर ले जाया गया, दहेज प्रताडऩा के चलते मारपीट कर मां-बेटे को किया घायल, महिला थाने में मामला दर्ज
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नागौर

•

image

Mohummed Razaullah

•

Updated: 22 Jun 2018, 12:14 PM IST

nagaur news

nagaur hindi news

नागौर. रिश्ते रिसे तो रिसाव फैलता चला गया। ये रिसाव जेएलएन अस्पताल तक पहुंच चुका है। यह दिख भले ही किसी को नहीं रहा हो पर एक मां और उसके जिगर के लाल के बीच की दूरी चंद कदमों की भी भारी लगने लगी थी। बदनसीबी का अंधेरा बिखरा पड़ा है। अस्पताल की जगमगाती रोशनी के बीच भी अपने 'तारे' से मिलने की तड़प में उसे और कुछ नहीं दिख रहा था। वह भाग कर मिलना चाहती थी अपने लाडले से पर 'सुहाग' के अत्याचार से उसके पांव इन दिनों उठने से 'इनकार' करने लगे हैं। तमाम मुश्किलों के बीच पति से संबंध सहज बनाए रखने की कोशिश सिरे से खारिज कर दी गई। पति और ससुराल वालों के 'आतंक' के आगे संजू अपने चार साल के बच्चे के साथ जेएलएन अस्पताल में सोमवार को भर्ती कराए गए। संजू अस्पताल में है तो उसका बेटा एमसीएच यूनिट में भर्ती है। एक मां और बेटे को संभालने के लिए रिश्तों के नाम पर कुछ लोग जरूर हैं पर वे नहीं दिख रहे जिनकी वजह से इनकी यह हालत हुई। रिपोर्ट महिला थाने में दर्ज हो चुकी है। संजू ने अपने पति व ससुराल वालों पर खुद व बेटे को प्रताडि़त करने व मारपीटकर घर से निकालने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस कमोबेश हमेशा की तरह इसकी जांच शुरू कर चुकी है, नतीजा क्या होगा, मालूम नहीं। पति, सास-ससुर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

बेटे से मिलने को बेचैन हो गई संजू

एक मां के दर्द को समझा जा सकता है। उसका मासूम बच्चा चोटिल होकर दूसरे वार्ड में दाखिल हो तो कलेजे में हूक तो उठेगी ही। कुछ ऐसा ही हुआ। बार-बार बेटे से मिलने की कोशिश गुरुवार की रात कामयाब हुई। पति/ससुराल पक्ष की मारपीट के बाद वह अपने पैरों से चल नहीं सकती। जगह-जगह घाव के बावजूद एम्बुलेंस चालक व अस्पताल कर्मी उसे स्ट्रेचर पर बच्चे के वार्ड तक ले गए। वहां बच्चे की देखभाल में उसकी बहन जुटी थी। बेटे को बेसुध देखकर वह बिलखने लगी, संजू को जैसे-तैसे बेटे के पास बैठाया गया। अपने पौरों से घंटों वह बेटे के बालों को सहलाती रही। कोसती रही अपने नसीब को। वार्ड में मौजूद और लोग भी यह सब देखकर रुआंसे से हो गए। रात को मां-बेटे के इस मिलन को जिसने देखा, यह तो महसूस किया ही कि रिश्ते बिखरते हैं तो भी मां बेटे को संभालना नहीं भूलती, तब भी जब वह खुद नहीं चल सकती हो।

यह है मामला
संजू की शादी तकरीबन सात बरस पहले रामरतन नायक के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही दहेज का दानव उसे खुश ही नहीं रहने देता था। सोमवार को पति व अन्य ससुराल जनों ने उसे व उसके मासूम बेटे को जमकर पीटा व घर से निकाल दिया। शीतला माता मंदिर पीछे रहने वाले इस ससुराल में उसका जीना मुहाल हो गया है, यह बातें उसकी रोती आंखों से ज्यादा बताती है।