21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिला मुख्यालय से हरिद्वार के लिए 20 सालों से संचालित बस सेवा बंद

Nagaur patrika latest news.नागौर से हरिद्वार जाने वाली बस को प्रबंधन ने घाटा दिखाते हुए बंद कर इसका डिपो अब डीडवाना कर दिया, हरिद्वार से नागौर आने के लिए बसों में रोडवेज नहीं, बल्कि निजी बसें ही मिलेंगी.Nagaur patrika latest news.

3 min read
Google source verification
Bus service operated from district headquarters to Haridwar for 20 years

Bus service operated from district headquarters to Haridwar for 20 years

नागौर. जिला मुख्यालय से सीधा हरिद्वार जाने वाली करीब 20 सालों से चल रही रोडवेज बस सेवा नागौर से बंद कर दी गई है। अब हरिद्वार जाने के लिए डीडवाना से बस मिला करेगी, जबकि पहले नागौर से मिलती थी। हालांकि रोडवेज के अधिकारियों का कहना है बस सेवा नहीं बंद की गई, केवल इसका प्रारंरिक स्टेशन अब डीडवाना कर दिया गया।

विद्या भारती के राष्ट्रीय खेलकूद-एथलेटिक्स समारोह का सांस्कृतिक रंगों में आगाज

इसका प्रारंभिक रूट डीडवाना होने की वजह से अब यह बस हरिद्वार से सीधा डीडवाना पहुंचेगी। जानकारों के अनुसार रोडवेज की ओर से उठाया गया यह कदम यात्रियों के नहीं, बल्कि निजी बस संचालकों के लिए फायदेमंद साबित होगा। रोडवेज प्रबंधन के अनुसार घाटे की वजह से यह कदम उठाया गया, जबकि विभागीय सूत्रों के अनुसार डीडवान से चलने पर भी इसके आय की स्थिति में विशेष परिवर्तन नहीं होने से इस पूरे फैसले पर ही अब सवालिया निशान लग गया है। इसी तरह पीपाड़ जाने वाली बस को भी बंद कर दिया गया।

शोभायात्रा में नजर आई राजस्थानी सांस्कृतिक विशेषताएं
जिला मुख्यालय के केन्द्रीय बस स्टैंड से हरिद्वार जाने वाली बस का डिपो अब डीडवाना कर दिया गया है। गत दिनों हुए इस परिवर्तन से लोगों को अब मुश्किलें होने लगी है। हालांकि यह बस डीडवाना से नागौर में दोपहर में आया करेगी, लेकिन लोगों का कहना है कि बस यहां से होने पर सीट सहजता से मिल जाती थी। कई बार बस में यात्रियों के ज्यादा होने की स्थिति में फिर नागौर से यात्री हरिद्वार के लिए यात्रा नहीं कर पाएंगे। रोडवेज के विभागीय जानकारों के अनुसार डीडवाना डिपो से हरिद्वार चलने वाली बस, नागौर से हरिद्वार जाएगी, लेकिन वापसी में डीडवाना तक ही आएगी।

गांवों में से अस्सी प्रतिशत टिड्डियों को मारने का किया दावा

इसमें नागौर तक की सवारिया होने की स्थिति में उन्हें दूसरी बसों में बैठा दिया जाएगा। इससे महिला यात्री, दिव्यांग यात्री वृद्धि यात्री एवं छोटे बच्चों और बीमारों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। उन्हें अपना सामान वह बस परिवर्तन करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। यही नहीं, हरिद्वार वाली बस में सिर्फ हरिद्वार की सवारियां ही नहीं, बल्कि उसमें रोल तरनाऊ जायल कटौती इनके आस-पास के गांव वालों वालों यात्रियों के लिए सुविधा मिल जाती थी। विभागीय जानकारों का कहना है कि वापसी में हरिद्वार से एक निजी बस नागौर के लिए संचालित होती है। अब ऐसे में वहां से सीधा नागौर आने वालों के लिए रोडवेज की बस में बैठने पर डीडवाना में बस बदलनी पड़ेगी, लेकिन निजी बस में बैठने की स्थिति में यात्री सीधा नागौर पहुंचेगा। अब ऐसे में फिर डीडवाना से चलाने पर भी नागौर आने वाले यात्रियों को सुविधा की जगह असुविधा होने के साथ ही निगम के राजस्व आय पर भी प्रभाव पड़ेगा। विभागीय जानकारों के अनुसार पूर्व में नागौर से हरिद्वार के लिए चल रही रोडवेज क बस को चाडी से चला कर पांचौड़ी गोगलाव होते हुए नागौर से वापस हरिद्वार चलाते तो इसमें पर्याप्त यात्री भार रहता।

नागौर में रेगिस्तानी से आए हरियाली के लुटेरोंका हमला
पीपाड़ जाने वाली बस भी बंद
नागौर डिपो से पीपाड़ जाने वाली बस भी प्रबंधन ने घाटा दिखाते हुए बंद कर दी, जबकि बोरुंदा बीटन, जसनगर ं जिले की सीमा वहां तक के लिए एकमात्र रोडवेज की यही बस चलती थी। अब इसको भी कम यात्रीभार, राजस्व होने का का हवाला देते हुए बंद कर दिया गया है। बताया जाता है कि इससे भी कम राजस्व वाली बसें चल रही है, लेकिन बस सेवा को ही बंद करना लोगों के समझ से परे रहा। जबकि यह रोडवेज की यह बस गांव से जिला मुख्यालय तक आने-जाने में यात्रियों के लिए सुगम संसाधन था।विभागीय जानकारों क अनुसार पीपाड़ से कोई दिव्यांग व्यक्ति के लिए नागौर व यहां पर बुटाटी धाम वहां तक सीधा पहुंचने के लिए एकमात्र बस सेवा भी थी।

चुरू १७ एवं १९ वर्षीय एथलीट का बना विजेता
इनका कहना है...
नागौर से हरिद्वार जाने वाली रोडवेज की बस बंद नहीं हुई है, केवल इसका डिपो परिवर्तित कर डीडवाना कर दिया गया है। इससे निगम को राजस्व घाटा हो रहा था।
भगीरथसिंह, मुख्य प्रबंधक, नागौर आगार