नागौर. हड़ताल अवधि में एक सप्ताह में कृषि मंडी का करोड़ों का कारोबार ही नहीं प्रभावित हुआ, बल्कि 20 से 30 लाख तक के राजस्व का झटका भी मंडी ने झेला है। अब राजस्व नुकसान की भरपाई करने में मंडी की राजस्व की स्थिति पटरी पर आने के लिए कम से कम पंद्रह दिन लग जाएंगे। हालांकि नुकसान तो व्यापारियों को भी हुआ, क्यों कि कारोबार नहीं होने के कारण उनका भी प्रतिदिन का हजारों में घाटा हुआ। कृषि उपजमंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष भोजराज सारस्वत ने बताया कि कृषि विपणन बोर्ड निदेशक दीपक नंदी के आश्वासन पर कारोबार तो चालू कर दिया गया, लेकिन मंडी का वैकल्पिक गेट खोले जाने तक व्यापारियों का धरना जारी रहेगा। गौरतलब है कि गत दिनों मंडी के सामने निर्माणाधीन ओवरब्रिज की वजह से वैकल्पिक गेट खोले जाने की मांग को लेकर व्यापार मंडल के आह्वान पर व्यापारियों ने छह दिनों से कारोबार बंद कर रखा था।