
City said: Nagaur's roads will never improve, administration is paralyzed
-शहर के सुगन सिंह सर्किल, कृषि उपजमंडी एरिया, नया दरवाजा, बाजरवाड़ा, दिल्ली दरवाजा, मूण्डवा चौराहा की टूटी सडक़ों पर कई जगह भरा पानी, और फैला कीचड़
-- कुछ जगह पर आधे अधूरे हुए कामों से यातायात भी हो रहा प्रभावित
-शहर की गड्ढायुक्त सडक़ों पर भरे पानी में सफर करता मुश्किल में नजर आया आम
नागौर. बरसात की बूंदों के गिरते ही सडक़ों की पोल भी खुल गई। हल्की बूंदाबांदी के साथ ही धीमी बारिश में शहर की टूटी हुई सडक़ों पर चलना मुश्किल हो गया। सुगन सिंह सर्किल से लेकर केन्द्रीय बस स्टैंड के विजयबल्लभ चौराहा तक हालात बेहद खराब रहे। गड्ढों में भरे पानी के साथ उछलती गाडिय़ों का सफर मुश्किल रहा। इसके अलावा निर्माणाधीन कॉलेज रोड और बीकानेर रोड की स्थिति भी वाहन चालकों के लिए संकटपूर्ण रही। शहर के सडक़ों के हालात देखने के साथ ही शहरवासियों से इस पर बातचीत भी की गई तो उनका कहना था कि जवाबदेह अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, तभी नागौर शहर को बेहतर सडक़ें मिलेंगी।
शहर में रविवार को देर रात्रि एवं सोमवार को हो रही हल्की बूंदाबांदी में शहर की सडक़ें बिखरी नजर आई। कई जगहों पर सडक़ में हुए गड्ढों के साथ उसमें बिखरी कंकरीटों ने जहां आवागमन बाधित किया, वहीं बीच राह फैले पानी की वजह से लोगों को इनके किनारों से बमुश्किल बचकर निकलने का जुगाड़ करना पड़ा। सोमवार को शहर के लगभग आधे से ज्यादा एरिया में सडक़ों की खराब हालत की वजह से लोगों को काफी मुश्किलें उठानी पड़ी।
सुगन सिंह सर्किल: टूटी सडक़, भरा पानी
शहर के सुगन सिंह सर्किल के पास निर्माणाधीन ब्रिज के नीचे काफी मात्रा में पानी फैला हुआ मिला। इसके मुख्य चौराहे पर हुए गड्ढों में भरा पानी वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी परेशान करता रहा। इस चौराहे से पुराना हॉस्पिटल एवं कांकरिया विद्यालय की ओर जाने वाला रास्ता भी बेहद खराब रहा। बगल में टीबी हॉस्पिटल के निकट ही सुगन सिंह सर्किल की ओर जाने वाले पूरे रास्ते पर पानी भरा रहा।
सुगन सिंह सर्किल से अहिंसा सर्किल
सुगन सिंह सर्किल से अहिंसा सर्किल की ओर जाने वाले रास्ते पर मुख्य सडक़ के तकरीबन पंद्रह से बीस मीटर के हिस्से पर बरसात का पानी भरा था। बीच राह की जगह वाहन सवार एवं पैदल राहगीर इससे बचकर निकलते नजर आए। एक जगह पर यहां तकरीबन 13 गड्ढे में पानी भरा था। वाहनों के पहिये तले दबने से उछलते पानी के कारण लोगों को दिक्कतें हो रही थी।
बाजरवाड़ा: बीच राह भरा पानी
बाजरवाड़ा के मुख्य बाजार में बीच टूटी सडक़ के गड्ढे में पानी भरा हुआ था। इसकी वजह से मुख्य मार्ग बाधित होने के कारण लोग इससे बचकर निकलते नजर आए। इसके अगल-बगल खड़े वाहनों के बीच यह पूरी सडक़ बरसाती पानी से भरी रही। पैदल राहगीरों को इससे ज्यादा मुश्किलें हो रही थी।
बख्तासागर तालाब से नया दरवाजा
बख्तासागर तालाब की ओर से आने वाले मुख्य मार्ग के बीच राह में चार से पांच अलग-अलग जगहों पर बरसात का गंदा पानी भरा हुआ था। इस सडक़ का करीब 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा गड्ढों की भेंट चढ़ा नजर आया। आते-जाते वाहन सवार एवं पैदल राहगीर बमुश्किल बचकर निकलते नजर आए। स्थानीय बाङ्क्षशदों का कहना है कि यह सडक़ लंबे समय से यहां पर सडक़ की न तो मरम्मत कराई, और न ही नया निर्माण हुआ।
अहिंसा सर्किल से नया दरवाजा: सात बड़े गड्ढे
अहिंसा सर्किल के चारों ओर टूटे हिस्सों में सुबह पानी भरा मिला। हालांकि दोपहर तक आवागमन चालू हेाने के कारण पानी तो कम हुआ, लेकिन गड्ढों की वजह से खराब सडक़ पर सफर करता मुश्किल में आम नजर आया। यह स्थिति तब है, जबकि कुछ माह पहले ही यह पूरी सडक़ नई बनी थी। इसके बाद भी हल्की बूंदाबांदी हुई तो इसकी बिखरी गिट्टियां एवं गड्ढे स्पष्ट रूप से सामने नजर आने लगे।
पुराना हॉस्पिटल चौराहा से कांकरिया नया दरवाजा मार्ग: किनारों पर भरा पानी
शहर के पुराना हॉस्पिटल चौराहा से नया दरवाजा जाने वाले मार्ग पर हुए गड्ढों की स्थिति भी यही रही। रविवार देर रात्रि एवं सोमवार सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी में यह सडक़ कम कंकाल ज्यादा नजर आई। हालांकि दोपहर बाद तक पानी थोड़ा कम होने के कारण लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन इसके बाद भी सडक़ के दोनों किनारों के साथ ही बीच सडक़ हुए गड्ढों में बरसाती पानी के चलते हुए कीचड़ के कारण आवागमन मुश्किल में नजर आया।
गौरव पथ से सोनीबाड़ी मार्ग
शहर के गौरव पथ से सोनीबाड़ी की ओर जाने वाले मार्ग के तकरीबन 100 मीटर से ज्यादा हिस्सों पर बरसात का पानी देर शाम तक भरा नजर आया। पानी में डूबी सडक़ में इसके दोनो किनारे भी गायब रहे। जबकि इस मार्ग से सीधा सोनीबाड़ी, व्यास कॉलोनी, प्रतापसागर कॉलोनी, नया दरवाजा एवं कलक्ट्रेट की ओर रास्ता जाता है। बेहद महत्वपूर्ण मार्ग होते हुए भी यह पूरा मार्ग पानी में डूबने के साथ आवागमन को पूरी तरह से बाधित करता रहा।
जनता कहिन....
शहर के ज्यादातर हिस्सों की सडक़ें टूटी हुई और खराब है। कई जगहों पर खराब सडक़ों के कारण लोगों का चलना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय विधानसभा चुनाव में भी लोगों ने उम्मीदवारों के सामने भी यह मुद्दे उठाए थे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। हालात यह हो गए हैं कि पूरे नागौर शहर में एक अच्छी सडक़ तलाश करने पर भी नहीं मिलती है। शहर के किसी भी हिस्से में जाने पर अब हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।
शाकिर खान चौहान, शहरवासी
अब तो अधिकारियों एवं नेताओं पर किसी चीज का असर ही नहीं होता है। शहर के अधिकतर हिस्सों की हालत खराब है, लेकिन इन अधिकारियों को हर माह वेतन आराम से मिल जाता है। जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन रोक दिए जाने की कार्रवाई होनी चाहिए, तब जाकर नागौर शहर में बेहतर सडक़ें बनने लगेंगी। बिना हेलमेट पकड़े जाने पर कार्रवाई होती है तो फिर खराब सडक़ों पर जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती है।
सलीम भाटी, शहरवासी
शहर के मुख्य बाजार से लेकर किसी भी क्षेत्र में जाने पर वाहन सवार हो या पैदल राहगीर, सडक़ों की खराब हालत के कारण परेशानी सभी को होती है। यह स्थिति तब है जबकि जिले के मुखिया कलक्ट्रेट में ही बैठते हैं। यह भी शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हैं। इनको सडक़ की हालत पता नहीं है क्या...! फिर भी यह हालात बने हुए हैं। वजह सडक़ें खराब होने के कारण आए दिन जहां बाइक सवार पलटते रहते हैं, वहीं पैदल राहगीरों को भी सफर करना मुश्किल हो गया है।
पन्नेखां मलखान, शहरवासी
सडक़ पर याताया कानूनों का उल्लंघन करने पर जैसे सजा मिलती है, उसी प्रकार सडक़ निर्माण घटिया तरीके से करने वालों पर भी कार्रवाई करनी चाहिए। यह बेहद विडंबनापूर्ण स्थिति है कि शहर के प्रशासन को लकवा मार गया है। जिला कलक्टर से लेकर नगरपरिषद एवं पीडल्यूडी व एनएच तक के अधिकारी भी इन स्थितियों से पूरी तरह अवगत हैं। इसके बाद भी सडक़ों की हालत खराब होने से अधिकारियों की नीयत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आबिद हुसैन, शहरवासी
Published on:
27 Nov 2023 09:39 pm
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