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कलक्टर ने लिखा पत्र – पशु परिवहन के लिए चले ट्रेन

राजस्थान पत्रिका की ओर से उठाए गए मुद्दे को लेकर सांसद के बाद कलक्टर ने लिखा रेलवे व राज्य सरकार को पत्र

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Sagar Gate remained closed for half an hour due to Long Hall goods train

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नागौर. नागौर के विश्व प्रसिद्ध राज्य स्तरीय श्री रामदेव पशु मेले के दौरान पशु परिवहन के लिए ट्रेन चलाने को लेकर जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने पशुपालन विभाग के शासन सचिव एवं जोधपुर रेल मंडल प्रबंधक गीतिका पांडेय को पत्र लिखा है। कलक्टर ने पत्र में पशु मेले की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पशु खरीदने के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले पशुपालकों की सुविधा एवं मेले को संजीवनी देने के लिए ट्रेन (मालगाड़ी) चलाई जाए। गौरतलब है कि गत दिनों राजस्थान पत्रिका की ओर से सिलसिलेवार समाचार प्रकाशित करने के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल ने गत 14 नवम्बर को जयपुर में हुई जेडआरयूसीसी की बैठक में इस मुद्दे को उठाते हुए डीआरएम को पत्र लिखा था।

सवा महीने बाद आयोजित होगा पशु मेला
कलक्टर समारिया ने दोनों अधिकारियों को लिखे पत्र में बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्री रामदेव पशुमेला नागौर निर्धारित संवत तिथि अनुसार 22 जनवरी से 5 फरवरी 2023 तक आयोजित होना है। यह पशुमेला राज्य स्तरीय होने के साथ ही देश का दूसरा सबसे बड़ा मेला है, जिसमें राज्य से बाहर उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश एवं अन्य राज्यों से पशुपालक व व्यापारी नागौरी नस्ल के बैल खरीदने के लिए आते हैं। मेले में आने वाले पशुपालक व व्यापारियों की ओर से प्रतिवर्ष मेलाधिकारियों के समक्ष सडक़ मार्ग से पशुओं का परिवहन करने के दौरान रास्ते में आने वाली परेशानियों, अधिक किराया व रास्ते में परिवहन के दौरान अनावश्यक खर्च होने से अवगत करवाया जाता है।

पत्रिका की मुहिम का जिक्र
समारिया ने राजस्थान पत्रिका की ओर से प्रकाशित समाचारों की प्रतियां संलग्न करते हुए बताया कि इस सम्बन्ध में राजस्थान पत्रिका की ओर से मेले में पशुओं के परिवहन के लिए ट्रेन का संचालन किए जाने की मुहिम चलाई गई है। साथ ही यह बताया कि गोपालन विभाग द्वारा हर वर्ष गोशालाओं को करोड़ों रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। बरसात के दिनों में लावारिस गोवंश सडक़ों पर आ जाता है, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। यदि बैलों का परिवहन ट्रेन से होने लगेगा तो बाहर के राज्यों के पशुपालक व व्यापारी बड़ी संख्या में इस मेले में आने लगेंगे, जिसके साथ ही यहां के पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी होगी। इससे पशुपालक नर गोवंश को लावारिस छोडऩे के बजाए उसका पालन-पोषण शुरू करेंगे तथा गोशालाओं में नर गोवंश की संख्या भी कम होगी। इससे यह पशु मेला अपनी छवि अनुरूप आयोजित होना शुरू होगा।

पहले चलती थी ट्रेन, 2017 में हुए थे प्रयास
पत्र में बताया कि पूर्व के वर्षों में श्री रामदेव पशुमेला के लिए ट्रेन का संचालन किया जाता रहा है एवं लोडिंग के लिए मेला स्टेशन भी बना हुआ है। वर्ष 2017 में भी ट्रेन के संचालन की स्वीकृति जारी की गई थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से ट्रेन नागौर जिले के छापरी स्टेशन से वापस लौटा दी गई। इसलिए पशुओं के परिवहन के लिए ट्रेन के संचालन के लिए समय रहते आवश्यक कार्यवाही करवाने की जाएं।

ट्रेन चलाने को पत्र लिखा है
आगामी दिनों में जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय पशु मेले के दौरान पशु परिवहन के लिए ट्रेन चलाने को लेकर पत्र लिखा है। उम्मीद है सम्बन्धित अधिकारी सकारात्मक रवैया दिखाएंगे।
- पीयूष समारिया, जिला कलक्टर, नागौर