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विवादित भूमि पर बोर्ड लगा देने से विवाद

भूमि विाद को लेकर प्रशासन ने की समझाइश] कुछ लोगों की ओर से लगाए गए बोर्ड को प्रशासन ने हटवाया

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मेड़ता सिटी .शहर के जैतारण चौकी स्थित तिकोणिए मोड़ के पास जमीन पर मंगलवार को प्रशासन ने नाप कर एवं पत्थरगढ़ी की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान एक पक्ष की ओर से स्टे होने का दावा किया गया तो प्रशासन ने स्टे लेकर आने तक कार्रवाई रोक दी, इस बीच दूसरे पक्ष की ओर से विवादित भूमि पर बोर्ड लगा देने से विवाद हो गया। पुलिस-प्रशासन ने बगैर अनुमति के लगाए गए बोर्ड को हटा दिया और इस बारे में दोनों पक्षों से समझाइश की।
जानकारी अनुसार जैतारण चौकी के पास विवादित जमीन को लेकर गत दिनों कई संगठनों ने प्रशासन को ज्ञापन दिए गए थे। इस दौरान संगठनों ने मांग की थी कि यह श्मशान की जगह है। इस भूभाग सहित अन्य मांगों को लेकर संगठनों की ओर से एक दिन मेड़ता बंद भी रखा गया था। बंद के दौरान प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि अगर यह आपकी जमीन है तो नाप करके आपके सुपुर्द कर दी जाएगी। इसे लेकर मंगलवार को मेड़ता तहसीलदार विशनाराम देवड़ा के निर्देशन में पटवारी सियाराम पुलिस जाब्ते के साथ पत्थरगढ़ी करने लगे। तब एक वर्ग विशेष के लोगों ने स्टे का हवाला देकर पत्थरगढ़ी का कार्य रोकने की मांग की। पटवारी ने कहा कि स्टे की प्रति देने पर काम रोक दिया जाएगा। इस दौरान कोई स्टे की प्रति लेकर नहीं पहुंचा। इस दौरान तहसीलदार तथा पटवारी ने एसडीएम को स्थिति से अवगत करवाया। इस बीच दूसरे वर्ग के लोगों ने दोपहर बाद खाली पड़ी भूमि में बोर्ड लगा दिया, इसे लेकर विवाद हो गया तथा दोनों वर्ग के लोग एकत्रित हो गए। इस दौरान एसडीएम हीरालाल मीणा, तहसीलदार विशनाराम देवड़ा, डीवाईएसपी राजेंद्रप्रसाद दिवाकर, सीआई अमराराम विश्नोई मय जाब्ता मौके पर पहुंच गए और लोगों से समझाइश करते हुए बोर्ड हटवा दिया, इसके बाद बोर्ड नगरपालिका भिजवा दिया।

इनका कहना है...
‘प्रशासन दोनों पक्षों की रजामंदी से कार्रवाई करना चाह रहा था। अब भी हम जो कार्रवाई कर रहे हैं, बिल्कुल नियमों के तहत दोनों पक्षों की समझाइश से कर रहे हैं। कोई भी पक्ष कानून हाथ में ले रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सुबह नाप करके काम हुआ था, इस दौरान एक पत्थर गाड़ा था। एक पक्ष ने कहा कि नाम-चौप किया जाए, उसके अनुसार हमें मंजूर होगा। हमने उनकी बात मान ली। काम कुछ समय के लिए रोका गया, उसमें कोई विधि संबंधी बाधा भी नहीं थी। परंतु कुछ देर बाद पुन: कुछ लोग आए और बोर्ड गाडऩा चाहा, जो कि गलत है।’

- हीरालाल मीणा, एसडीएम, मेड़ता।
‘एक जगह विशेष पर कुछ लोगों ने बोर्ड लगाने का प्रयास किया, जो जमीन विवादास्पद है, उसकी हम जांच कर रहे हैं। जमीन को लेकर लीगल स्टेटस क्या है, यह हम रेवेन्यू रिकॉर्ड देखकर ही बता सकते हैं।’

- राजेंद्रप्रसाद दिवाकर, डीवाईएसपी।