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अपने बीच अधिकारियों को पाकर विश्वास नहीं कर पाए….!

Nagaur. खेतों में काश्तकारों के पास पहुंचा कृषि अधिकारियों का दल -कलक्टर के निर्देश पर मौसम का फसलों पर हुए प्रभावों की जांच करने किसानों के बीच पहुंचे अधिकारी, काश्तकारों से की बातचीत
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अपने बीच अधिकारियों को पाकर विश्वास नहीं कर पाए....!

Nagaur. A team of agricultural officers examining the seasonal effects on crops in the fields

नागौर. बदलते मौसम में फसलों के बचाव के लिए काश्तकारों को जागरुक करने कृषि विभाग के अधिकारियों का दल खेतों में पहुंचा। यहां पर फसलों की स्थिति देखने के साथ ही मौसम के अनुकूल बचाव आदि करने उपाय बताए गए। कलक्टर जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर कृषि विस्तार उपनिदेशक शंकराराम बेड़ा व पौध संरक्षण अधिकारी शंकरराम सियाग के दल ने जिले के फरड़ौद, तरनाऊ सहित आस-पास के क्षेत्र के खेतों में मूंग की फसल में कीट एवं रोगों का सर्वे कर किसानों को जानकारियां दी। कृषि अधिकारियों ने बताया कि बारिश के मौसम में हो रहे परिवर्तन को देखते हुए खड़ी फसलों में कीट एवं रोग की संभावनाओं को देखते हुए रेपीड रोविंग सर्वे किया गया। क्षेत्र के किसान कालूराम जाखड़, प्रहलादराम फरड़ौदा, मनीराम जाखड़, परसाराम जाखड़, आनंद फरड़ौदा के खेतों पर आमने-सामने की बातचीत की। इस दौरान काश्तकारों के हर सवालों का जवाब दिया गया। पौध संरक्षण के कृषि अधिकारी शंकराराम सियाग ने बताया कि वातावरण में लगातार नमी के कारण मूंग की फसल में सेमिलूपर कीट पाया गया। इसके नियंत्रण के लिए किसानों को जैविक कीटनाशक का प्रयोग करने की सलाह दी गई। इस दौरान फसलों में अन्य कोई बीमारियां नहीं मिली।
इस तरह करें फसलों का बचाव
कृषि अधिकारी सियाग ने काश्तकारों को समझाया कि जैविक कीट नियंत्रण के लिए किसान आस-पास उपलब्ध नीम, धतूरा, आक, कनेर, कांग्रेस घास आदि का घोल बनाकर तकनीकी सलाह से कीट नियंत्रण के लिए उपयोग कर सकते हैं। इस संबंध में जिले के किसान खेतों में खड़ी फसलों के संबंध में आवश्यक जानकारी के लिए कृषि अधिकारी पौध संरक्षण शंकरराम सियाग के मोबाइल नंबर 9772357131 पर भी संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं। निकटतम कृषि विभाग के कार्यालय में भी संपर्क कर किसान फसलों में लगने वाले रोग व कीटों की रोकथाम के बारे में जानकारी प्राप्त कर कर सकते हैंं।