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माजरा गांव में देसी-अंग्रेजी शराब बनाने का कारखाना पकड़ा

-आरोपी फरार, महिलाओं ने किया आबकारी दल का विरोध, बड़ी मुश्किल से घुसे मकान मेंनागौर. अंग्रेजी के साथ देसी शराब बनाने का कारखाना पकड़ा गया। अवैध रूप से चल रहे इस कारखाने पर दबिश देने गए आबकारी दल को महिलाओं के विरोध का सामना तक करना पड़ा। इसे चलाने वाला शातिर फरार हो गया है।

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अवैध शराब के खिलाफ अभियान

यहां से कऱीब 400 लीटर स्प्रिट, 45 कर्टन में नक़ली अंग्रेजी शराब, व्हिस्की का एसेंस, 1 पैकिंग मशीन, अंग्रेजी व देसी शराब के खाली पव्वे ही नहीं करीब 40 लीटर तैयार अंग्रेज़ी शराब तक बरामद की गई।

जिला आबकारी अधिकारी मनोज बिस्सा ने बताया कि इन दिनों अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। गांव माजरा में अवैध शराब बनने की सूचना मुखबिर से मिली थी। इस पर वो सहायक आबकारी अधिकारी कुलभूषण मिश्रा नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक बाबूलाल जलवानिया के साथ मय टीम वहां पहुंचे। यह मकान विजय सिंह उर्फ़ चूना राम का है। आबकारी दल के छापे को देखते ही मकान में मौजूद महिलाएं आगे आ गईं और टीम को प्रवेश करने से रोकने लगी। जैसे-तैसे भीतर गए तो दो कमरे खुलवाए गए तो देखते ही भौचक्के रह गए। वहां अवैध शराब बनाने का पूरा इंतजाम था। अंग्रेजी के साथ देसी पव्वे ही नहीं स्प्रिट के अलावा व्हिस्की का एसेंस तक मौजूद थे। यहां से कऱीब 400 लीटर स्प्रिट, 45 कर्टन में नक़ली अंग्रेजी शराब, व्हिस्की का एसेंस, 1 पैकिंग मशीन, अंग्रेजी व देसी शराब के खाली पव्वे ही नहीं करीब 40 लीटर तैयार अंग्रेज़ी शराब तक बरामद की गई। विजय उर्फ चूनाराम तो मौके से भाग निकला। बिस्सा ने बताया कि पूछताछ में उसके एक साथी का भी पता चला है। मनीष बेड़ा के साथ महिला सिपाही गवरी, मुकना राम आदि ने दबिश में हिस्सा लिया। काफी समय से यह काम हो रहा था। अब उसके पकड़ में आने के बाद ही खुलासा होगा।

जरा सी चूक से कर रहे ऑनलाइन लूट

नागौर. जरा सा लालच खुद ही लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है। बिना सोचे-समझे झांसे में आकर लोग खुद ही ओटीपी बताकर शिकार बन रहे हैं। दो दिन पहले एक बीएसएफ कुक की पत्नी ने दस लाख की लाटरी के झांसे में आकर एक लाख सोलह हजार रुपए गंवाए तो बुधवार को एक मिस्त्री इसी तरह 92 हजार की ठगी का शिकार हो गया।

रोजाना इस तरह की ऑनलाइन ठगी की वारदात बढ़ रही है। कोई इनाम का लालच देकर तो को ऑफर/सस्ते उत्पाद का झांसा देकर लोगों के खाते में आराम से सेंध लगा रहा है। दिल्ली दरवाजा स्थित ट्रेक्टर रिपेयरिंग करने वाले बाबूलाल सांखला के साथ भी बुधवार को कुछ ऐसा ही हुआ। उसके पास कॉल आया कि आपके खाते में बीस हजार की राशि जमा करानी है। सांखला को कुछ इसकी अज्ञानता थी, ऐसे में उसने अपने मिस्त्री को फोन पकड़ा दिया। अब मिस्त्री ने फोन पर आए कॉल के हिसाब से ओटीपी समेत अन्य जानकारी साझा कर दी। कुछ मिनट बाद ही पाया कि खाते से 92 हजार रुपए गायब हो गए। सांखला ने कोतवाली थाने में इस बाबत रिपोर्ट दर्ज कराई है।

खुद ही बन रहे शिकार

यह बात सही है कि इस तरह की ठगी की वारदात बढ़ रही है। अनचाहे कॉल पर इसी तरह लोगों को शिकार बनाया जा रहा है। पहले मोबाइल सिम बंद होने की कहकर ठगी होती थी तो अब इनाम समेत ऑफर/ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए ठग चपत लगा रहे हैं। नागौर सीओ विनोद कुमार सीपा का कहना है कि लोगों को खुद जागरूक होना पड़ेगा। ऐसे किसी भी कॉल पर बिना सोचे-समझे ओटीपी बताने से बचें। झूठे झांसे पर कोई जानकारी साझा नहीं करें। दिवाली का सीजन है, ऐसे में खरीदारी/इनाम अथवा तरह-तरह के प्रलोभन देकर आमजन को चपत लगाई जा रही है। सावधान रहने की जरूरत है।