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नागौर में फसल बीमा फर्जीवाड़ा : ई-मित्र संचालक से शिक्षक बना आरोपी ब्यावर से गिरफ्तार

चूंटीसरा के खेतों का कूटरचित दस्तावेजों से 7.67 लाख रुपए का क्लेम उठाने का आरोप, पूर्व में ई-मित्र चलाता था आरोपी, वर्तमान में राजकीय विद्यालय में है शिक्षक
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आरोपी पुखराज जाट पूर्व में ई-मित्र संचालक था और वर्तमान में सरकारी शिक्षक है

आरोपी पुखराज जाट पूर्व में ई-मित्र संचालक था और वर्तमान में सरकारी शिक्षक है

नागौर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कूटरचित दस्तावेजों के जरिए 7.67 लाख रुपए का फर्जी क्लेम उठाने के मामले में नागौर पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। मांझवास निवासी आरोपी पुखराज जाट पूर्व में ई-मित्र संचालक था और वर्तमान में सरकारी शिक्षक है। पुलिस ने उसे ब्यावर जिले के ग्राम ठाकरवास स्थित राजकीय विद्यालय से गिरफ्तार किया। फर्जी फसल बीमा प्रकरणों की जांच के लिए गठित एसआईटी और डीएसटी की संयुक्त कार्रवाई में यह गिरफ्तारी हुई।

पुलिस के अनुसार, नागौर निवासी वेदप्रकाश सांखला ने 25 अगस्त 2026 को सदर थाने में रिपोर्ट दी थी कि चूंटीसरा पटवार हल्का स्थित उनकी सहखातेदारी भूमि पर वर्ष 2021 में खरीफ की मूंग की फसल के लिए फर्जी बंटाईदार बनकर आरोपियों ने बीमा करवाया था। आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर वास्तविक खातेदार की जानकारी के बिना बीमा क्लेम की राशि अपने बैंक खातों में जमा करवा ली।

परिवादी के अनुसार, कैलाशराम पूनिया के खाते में 2,77,168 रुपए, सुमन देवी के खाते में 2,84,388 रुपए और सरोज के खाते में 2,05,929 रुपए जमा हुए। इस तरह कुल 7,67,485 रुपए का क्लेम कथित रूप से धोखाधड़ी कर प्राप्त किया गया। परिवादी ने आरोप लगाया कि इस षड्यंत्र में फसल बीमा कंपनी के दलाल बीरबलराम कमेडिया और ग्राम विकास अधिकारी किसनाराम सहित अन्य लोग भी शामिल थे।

गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस ने बीरबलराम कमेडिया व उसकी पत्नी बसंती को 13 अक्टूबर को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब पुखराज को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशन तथा नागौर वृत्ताधिकारी जतिन जैन के सुपरविजन में गठित टीम ने आरोपी पुखराज को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में महिला थाना नागौर के थानाधिकारी सुरेश कुमार, डीएसटी मेड़ता सिटी के उपनिरीक्षक पूर्णमल, डीएसटी नागौर के ओमप्रकाश, धर्माराम और राजेश मूंडेल शामिल रहे। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और फर्जी बीमा क्लेम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

अन्य आरोपियों की भी जल्द होगी गिरफ्तारी

मामले की जांच कर रहे महिला थानाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि फर्जी तरीके से फसल बीमा क्लेम उठाने के मामले में बीरबलराम कमेडिय़ा, उसकी पत्नी बसंती व तत्कालीन ई-मित्र संचालक पुखराज की गिरफ्तारी हो चुकी है, अब अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी, जिसमें ग्राम विकास अधिकारी किसनाराम भी शामिल है।

कमेडिया निवासी बीरबल व उसके परिजनों के खिलाफ दर्ज हैं मामले

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दूसरे किसानों के खेतों का बीमा करवाकर फर्जी तरीके से क्लेम उठाने के मामले में आरोपी अधिवक्ता बीरबल कमेडि़या की पत्नी बसंती को पुलिस ने गत 13 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। पुलिस अधिकारियों ने अधिवक्ता बीरबल को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और देर रात गिरफ्तार कर लिया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दूसरे किसानों के खेतों का बीमा करवाकर फर्जीवाड़े से क्लेम उठाने को लेकर गत दिनों अधिवक्ता बीरबल कमेडि़या, उसकी पत्नी बसंती, भाई किशनाराम सहित अन्य के खिलाफ सदर थाने में मामले दर्ज कराए गए। इनकी जांच महिला थानाधिकारी सुरेश कुमार कस्वां कर रहे है। फसल बीमा में फर्जीवाड़ा को लेकर इस साल अब तक कुल 37 मामले दर्ज हो चुके है।

जमा कराने आया नामांकन, पार्टी से टिकट भी मांगी

बीमा फर्जीवाड़ा के आरोपी अधिवक्ता बीरबल की पत्नी बसंती के जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने के सोशल मीडिया पर पोस्ट डाले थे। मंगलवार को नामांकन के अंतिम दिन अधिवक्ता अपनी पत्नी का नामांकन जमा कराने पहुंचा तो पुलिस सक्रिय हो गई। इस मामले के तूल पकड़ लेने पर पुलिस ने शाम को बसंती व बीरबल को गिरफ्तार कर लिया था।