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दिनभर चला अभियान: ट्रैफिक के साथ थाना पुलिस भी जुटी, शाम तक 578 चालान

बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई, समझाइश के साथ बताई हेलमेट की महत्ता

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पुलिस

शाम तक चली कार्रवाई में थाना पुलिस ने 368, वहीं ट्रैफिक पुलिस ने 210 चालान किए।

नागौर. घर से निकलते ही कुछ दूर चलते ही मिल गई पुलिस। हेलमेट को लेकर लम्बी पूछताछ के बाद कहीं समझाइश तो कहीं चालान किया गया। पूरे जिले में चलाए गए इस अभियान में ट्रैफिक ही नहीं थाना पुलिस भी दिनभर जुटी रही।

सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिए बिना हेलमेट वाले वाहन चालकों पर शनिवार को पूरे दिन कार्रवाई चली। सुबह नौ बजे से चलाए गए इस अभियान में बिना हेलमेट निकले वाहन चालकों की धरपकड़ शुरू हो गई। ट्रैफिक सीओ रवींद्र बोथरा के निर्देश पर पूरे जिले की पुलिस इस काम में लगी रही। थाना पुलिस ही नहीं चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी भी इसमें जुटे थे। जिले में दोपहर एक बजे तक यानी चार घंटे में करीब सवा सौ चालान हो चुके थे। शाम तक चली कार्रवाई में थाना पुलिस ने 368, वहीं ट्रैफिक पुलिस ने 210 चालान किए। गौरतलब है कि यह अभियान पूरे राज्य में चलाया गया। हैड कांस्टेबल शिव देवाराम का कहना है कि सुबह तो अधिकांश वाहन चालक बिना हेलमेट के दिखे, धीरे-धीरे जब पुलिस के अभियान की खबर लोगों को लगी तो हेलमेट लगाने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो गई।

चालीस फीसदी मौतें बिना हेलमेट

सूत्रों की मानें तो पिछले पांच साल के दुर्घटना के आंकड़ों को देखें तो दुपहिया वाहन चालकों के हादसों में मौत के मुंह में समाने वाले चालीस फीसदी बिना हेलमेट के पाए गए। सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस की ओर से समय-समय पर चलाए जा रहे अभियान में हेलमेट लगाना जरूरी है, लेकिन नागौर जिले में अधिकांश इसकी अवहेलना कर रहे हैं। इसके लिए एसपी राममूर्ति जोशी की अगुवाई में कई बार यातायात के नियम-कायदों से जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए गए।

अधिकांश बिना हेलमेट के

असल में पूरे जिले का हाल यही है, नागौर शहर को ही ले लीजिए, कलक्ट्रेट से लेकर सभी बड़े हाइवे/मार्ग पर इसकी कोई पालना नहीं की जा रही। शनिवार को चले अभियान में शुरुआती दो-तीन घंटे के दौरान पुलिस को मिले अधिकांश वाहन चालक बिना हेलमेट पहने नजर आए। इनमें महिलाएं/युवतियां भी शामिल थीं। जब नागौर शहर का यह आलम था तो कुचामन, डीडवाना, परबतसर, मकराना समेत अन्य क्षेत्रों में इससे भी खराब रही।

इनका कहना

बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की गई। अधिकांश को समझाया गया कि नियम-कायदे की पालना के साथ जीवन बचाने के लिए हेलमेट जरूर लगाएं।

-रवींद्र बोथरा, सीओ टैफिक नागौर