
रविवार को ग्राम छोटीखाटू के हिन्दी पुस्तकालय की ओर से आयोजित साहित्य सम्मान समारोह में राज्यपाल ने यह बात कही। राज्यपाल कोविंद ने इस बात पर खुशी जताई कि छोटीखाटू हिंदी पुस्तकालय में 22 हजार पुस्तकों का संग्रह है, जो अपार ज्ञान का भंडार है। उन्होंने अलग -अलग श्रेणियों में दिए गए सम्मान के बारे में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय साहित्य सम्मान जहां कृति साहित्यकारों के लिए विशेष पुरस्कार है वहीं कन्हैयालाल सेठिया मायड़ भाषा सम्मान मातृभाषा के साहित्यकारों को प्रेरित करने का अच्छा माध्यम है। छोटीखाटू गौरव सम्मान मातृभूमि की जड़ों से जुड़े रहने वाले विशिष्ट व्यक्तियों के लिए उल्लेखनीय सम्मान है। राज्यपाल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय साहित्य सम्मान प्राप्त करने वाले डा. महेश चंद्र शर्मा को पंडित उपाध्याय की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने वाली हस्ती करार दिया। उन्होंने पुस्तकालय के संस्थापक जुगल किशोर जैथलिया से जुड़ी यादों को ताजा करते हुए शिक्षा को विकास की अहम कड़ी बताया। साथ ही छोटी खाटू कस्बे की पूरे भारत में प्रसिद्धि पर भी खुशी जताई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा कि छोटीखाटू पुस्तकालय पूरे भारत में प्रसिद्ध है। उन्होंने छोटीखाटू से अपना जुड़ाव सदैव बनाए रखा और पुस्तकालय तथा छोटीखाटू का नाम देशभर में रोशन किया। इस दौरान उन्होंने राजस्थानी गीत सुनाया और राजस्थान की परंपराओं का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में प्रधान अतिथि सार्वजनिक निर्माण मंत्री यूनुस खान ने हिन्दी पुस्तकालय को हिन्दी साहित्य का विशेष अंग बताया। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री मेघवाल के समक्ष मायड़ भाषा को मान्यता दिलाने की मांग रखी। साथ ही छोटीखाटू में कॉलेज स्थापना के लिए प्रयास करने का भरोसा दिलाया। खान ने गांव में व्याप्त पेयजल समस्या के समाधान के लिए 45 लाख की योजना की घोषणा करते हुए 226 करोड़ की नई योजना की भी घोषणा की। जिसमें दो नलकूप शामिल हैं।
अखंड भारत के पक्षधर थे उपाध्याय
पं. दीनदयाल उपाध्याय सम्मान प्राप्त करने वाले डा. महेशचंद्र शर्मा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भारतीय राजनीति का सच्चा राष्ट्रवादी नेता करार दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के समय जहां कई नेता द्विराष्ट्र के समर्थन में मजहब के नाम पर देश को बांटना चाहते थे, वही पंडित उपाध्याय अखंड भारत के पक्षधर थे। पंडित उपाध्याय हमेशा से ही भारत के संप्रभुत्व राष्ट्र के पैरोकार थे।
राजस्थानी भाषा को मिले मान्यता
कन्हैयालाल सेठिया मायड़ भाषा सम्मान प्राप्त करने वाले कवि लक्ष्मणदान कविया ने राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने की मांग उठाते हुए इस बात पर दुख जताया कि लंबे समय बाद भी राजस्थानी भाषा को मान्यता नहीं मिल सकी है। जबकि राजस्थानी भाषा में ढाई लाख शब्दों का संग्रह है और इसका इतिहास 12 साल पुराना है।
बुजर्गों का है आशीर्वाद
छोटीखाटू गौरव सम्मान पाने वाले डा. के.सी. गोस्वामी ने कहा कि उनका यह सम्मान बुजुर्गों का आशीर्वाद है। उन्होंने गांव में स्कूल के हालात पर बात करते हुए सार्वजनिक निर्माण मंत्री से कॉलेज खुलवाने की मांग की।
इन्हें मिला सम्मान
समारोह में डा. महेशचंद्र शर्मा, दिल्ली, को पं. दीनदयाल उपाध्याय सम्मान, लक्ष्मणदान कविया को कन्हैयालाल सेठिया मायड़ भाषा सम्मान प्रदान किया गया, जबकि कर्मयोगी जुगल किशोर जैथलिया को मरणोपरान्त तथा डा. के.सी. गोस्वामी को छोटी खाटू गौरव सम्मान प्रदान किया गया।
ये रहे मौजूद
इस दौरान सरपंच मेघाराम चौधरी, संत नानकदास, महावीर बजाज, प्रकाशचंद बैताला, भंवरलाल टाक, सूरजमल पगारिया, प्रेमसिंह चौधरी, अंकुर सेठिया, रिछपालचंद महता, पवन बादल, प्रहलाद वाजपेयी, शांतिलाल जैन,तारचंद धारीवाल, रवि धारीवाल, पुरुषोत्तमलाल बजाज, रामदेव जैथलिया, भंवरसिंह, छोटूलाल वैष्णव, सज्जनसिंह, शेराराम चौधरी, पवन जोशी, आरडी शर्मा, रामकिशोर टाक, डा. वीडी चारण सहित काफी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।कार्यक्रम की शुरूआत में प्रीस्टार स्कूल की बालिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अंत में पुस्तस्तकालय के संयोजक कपुरचंद बैताला ने सभी का आभार जताया।
Published on:
18 Dec 2016 10:38 pm
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