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ड्रेस कोड से अध्यापकों में अनुशासन व आत्मजाग्रति

अध्यापकों व छात्रों में उत्साह, क्षेत्र के 33 विद्यालयों में ली ड्रेस कोड की शपथ, स्वतंत्रता दिवस से नियमित आएंगे ड्रेस कोड में शिक्षक

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ग्रामीण शिक्षकों ने लिया बदलाव का संकल्प
बड़ीखाटू. क्षेत्र के अलग-अलग विद्यालयों में ड्रेस कोड की शपथ का सिलसिला शुक्रवार को भी रहा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बरनेल में ड्रेस कोड अपनाने को लेकर अध्यापकों ने शुक्रवार को शपथ ली। प्रधानाचार्य मूलचंद रेगर ने बेहतर शैक्षिक वातावरण के लिए ड्रेस कोड सहित 10 सूत्रों के पालना की शपथ दिलाई। प्रधानाचार्य ने शपथ लेने के बाद अध्यापकों की बैठक लेकर स्वतंत्रता दिवस से पहले ड्रेस कोड में आने के निर्देश दिए। इस दौरान अध्यापकों ने सहमति दी। अध्यापकों के ड्रेस कोड में आने को लेकर उत्साह है। क्षेत्र के अध्यापक स्वतंत्रता दिवस तक ड्रेस कोड में नियमित रूप से नजर आएंगे। शिक्षकों ने माना कि ड्रेस कोड से सरकारी विद्यालयों में अनुशासन व अध्यापकों में आत्मजाग्रति होगी। अध्यापिकाओं ने इस अवसर पर कहा कि ड्रेस कोड सराहनीय कदम है। विद्यालय में अध्यापकों के जींस और टी शर्ट के स्थान पर ड्रेस कोड में आने से बच्चे भी अनुशासन में रहेंगे और सब के एक जैसे ड्रेस से विद्यालय में अच्छा प्रभाव पड़ेगा।
दिलाई ड्रेस कोड अपनाने की शपथ
कस्बे की राउप्रावि रूपनगर के प्रधानाध्यापक रामचन्द्र सियाग ने अध्यापकों को ड्रेस कोड में विद्यालय में आने की शपथ दिलाई। इस विद्यालय को प्रधानाध्यापक ने इस दीवारों पर कलात्मक चित्रकला से सजाया है।
आठ विद्यालयों में ड्रेस कोड की शपथ
मूण्डवा. राजस्थान पत्रिका व जिला प्रशासन की संयुक्त मुहिम के तहत सरकारी विद्यालयों की व्यवस्थाओं में बदलाव के दस सूत्र के तहत शिक्षकों द्वारा ड्रेस कोड का सुझाव लागू करने का निर्णय लेने का क्रम जारी है। विद्यालयों की सूरत बदले इसे लेकर शिक्षक खुद से अभियान की शुरूआत कर रहे हैं। इसी क्रम में जनाणा पीईईओ के अधीनस्थ सभी आठ सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों ने जिला स्तर पर तय डे्रस कोड को अपनाने का निर्णय लिया है। कुछ शिक्षकों ने डे्रस कोड में आना शुरू भी कर दिया है। शुक्रवार को हुई बैठक में ड्रेस कोड लागू करने पर सहमति बनी। पीईईओ मंगलसिंह बलाई ने अभियान को सरकारी विद्यालयों की छवी सुधारने में सबसे महत्त्वपूर्ण तथा शिक्षा में नवाचारों को भी जरूरी बताया। बैठक में मिरजास विद्यालय के प्रधानाध्यापक गजेन्द्र गेपाला, कांवल नाडी जनाणा के प्रधानाध्यापक रामकुंवार, सांवतसिंह नाडा जनाणा के प्रधानाध्यापक ताज मोहम्मद, पंचपिपलिया विद्यालय के प्रधानाध्यापक शिवनारायण, देवासियों का मोहल्ला बू-नरावता के प्रधानाध्यापक मनोहरलाल ने भी अभियान को लेकर विचार व्यक्त किए। स्थानीय विद्यालय के शिक्षक भी उपस्थित रहे।


सरकारी स्कूलों की छवि सुधारने की प्रतिज्ञा
हर स्कूल मॉडल स्कूल सेनणी विद्यालय के शिक्षकों ने लिया ड्रेस कोड में आने का संकल्प
खजवाना. जिला प्रशासन व राजस्थान पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे ‘हर स्कूल मॉडल स्कूल’ अभियान में सरकारी विद्यालयों के शिक्षक निरन्तर स्वैच्छा से जुड़ रहे हैं। शुक्रवार को निकटवर्ती सेनणी गांव के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की बैठक हुई। बैठक में शिक्षकों के ड्रेस कोड में स्कूल आने सहित सुझाए गए बदला के दस सूत्रों पर चर्चा कर उनकी क्रियान्विति के प्रयास शुरू किए। इस दौरान सेनणी पीईईओ पीएल बुनकर ने कहा कि जिला प्रशासन व राजस्थान पत्रिका के इस अभियान से सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों में निश्चित रूप से टीम भावना पनपेगी और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। इस दौरान उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक यशपाल, रशीद मोहम्मद, महेन्द्रराम, दिनेश गालवा, विक्रम सिंह, श्रीराम, अन्नाराम, जग्गाराम व शिक्षिका रामकंवरी जांगीड़ ने पन्द्रह अगस्त से पूर्व विद्यालय में ड्रेस कोड में आने का संकल्प लिया। प्रधानाचार्य बुनकर ने बताया कि वे पीईईओ क्षैत्र के सभी सरकारी विद्यालयों के अध्यापकों से सम्पर्क कर ड्रेस कोड में आने के लिए पे्ररित कर रहे हैं और इसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।