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राष्ट्रीय लोक अदालत में 784 प्रकरणों का निस्तारण

मोटरवाहन दुर्घटना दावा अधिकरण के 36 प्रकरणों में पीडि़त पक्षकारों को 2.95 करोड़ से अधिक के अवार्ड पारित

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Disposal of 784 cases in National Lok Adalat

Disposal of 784 cases in National Lok Adalat

नागौर. न्यायालय परिसर नागौर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 784 प्रकरणों का निस्तारण कर पीडि़त पक्षकारों को राहत पहुंचाई गई। साथ ही मोटरवाहन दुर्घटना दावा अधिकरण के कुल 36 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिसमें पीडि़त पक्षकारों को कुल 2 करोड़, 95 लाख, 14 हजार, 427 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। न्यायालय अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 01, नागौर में लम्बित एमएसीटी प्रकरण में अनुवान दीपा बनाम पूराराम में एक करोड़ 23 लाख 58 हजार 423 रुपए की अवार्ड राशि का चेक पीडि़त पक्षकार दिया गया।
नागौर ताल्लुका विधिक सेवा समिति की सचिव भाग्यश्री मीणा ने बताया कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार शनिवार को नागौर मुख्यालय स्थित न्यायालय परिसर में इस वर्ष की चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें 3 बैंचों का गठन किया गया। प्रथम बैंच में अध्यक्ष इसरार खोखर (अध्यक्ष] ताल्लुका विधिक सेवा समिति) व सदस्य के रूम में अधिवक्ता ओमप्रकाश पुरोहित व सहदेवराम चौधरी रहे। दूसरी बैंच में अध्यक्ष सरिता नौशाद (वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट) व सदस्य के रूप में अधिवक्ता पवन श्रीमाली एवं पीर मोहम्मद तथा तीसरी बैंच में अध्यक्ष महेश सिंह मीणा (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) व सदस्य के रूप में अधिवक्ता रामचन्द्र मुण्डेल व वैभव सेन उपस्थित रहे।

लोक अदालत में नागौर मुख्यालय पर स्थित सभी न्यायालयों में विचाराधीन आपराधिक, सिविल, मोटरवाहन दुर्घटना क्लेम एवं मिसलेन्यिस प्रकरणों को निस्तारण के लिए रखा गया। जिनका लोक अदालत में राजीनामा के जरिए निस्तारण किया गया। इसमें पारिवारिक विवाद के कुल 42 प्रकरण एवं अन्य सिविल, फौजदारी एवं एनआई एक्ट 138 के लम्बित मामलों में कुल 732 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार राज्य सरकार द्वारा जारी कोविड-19 महामारी की गाइडलाइन की पालना करते हुए न्यायालय में काफी समय से लम्बित कुल 732 प्रकरणों का निस्तारण किया गया और पक्षकारों को राहत प्रदान की गई।

बैकों के 47 मामलों का निस्तारण
इसी प्रकार एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, इण्डियन बैंक, यूको बैंक, युनियन बैंक, आईसीआईसी बैंक व भारत संचार निगम लिमिटेड, नागौर के अधिकारियों ने भी लोक अदालत में भाग लिया। बैकों के कुल 47 व बीएसएनएल के कुल 5 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निस्तारण करवाया गया। बैंक ऋणियों को लोक अदालत सदस्यों ने विधि द्वारा मिलने वाली सभी छूटों से अवगत करवाकर प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निस्तारण करवाया एवं पक्षकारान को अधिक से अधिक छूट दिलवाकर राहत प्रदान की। इस प्रकार न्यायालय में लम्बित व प्री-लिटिगेशन प्रकरण मिला कर कुल 784 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

इन्होंने दिया सहयोग
लोक अदालत को सफल बनाने में संजीव कुमार वर्मा, भीष्मनारायण जोशी, कैलाशपुरी, महावीर प्रसाद, अभिषेक माथुर, कमल किशोर गौड़, नरेन्द्र राखेचा, न्यायिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विनोद भाटी, ओमप्रकाश पंवार, कैलाश पंवार, कमल सांखला, रामजीवन, नवनीत जोशी, नथमल गौरा, विवेक पुरोहित, चन्द्रप्रकाश कच्छावा, असगर अली, निशाद अहमद, अब्दुल रहमान खान ने सहयोग दिया।
इसके अलावा बारसंघ की ओर से अधिवक्ता प्रेमसुख फिड़ौदा, कालूराम सांखला, ओमप्रकाश फुलफगर, हरिराम खारडिय़ा, राजेन्द्र सिंह राठौड़, अशोक वैष्णव, कुन्दनसिंह आचीणा, रामदेव निम्बड़, दशरथमल सिंघवी, शफीक खिलजी, महेन्द्र शर्मा, भीकमचंद, अशोक पण्डित ने भी सहयोग दिया।