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गांव में पेयजल संकट, घरों में पीने का पानी नहीं

चौसला. घरों में शौचालय का निर्माण तो करवा लिया, लेकिन गर्मी के दिनों में पानी की समस्या होने के कारण यह उपयोगी नहीं रहे है।

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Chosla News

चौसला. पानी कमी के चलते दो किमी दूर एयर वॉल्व से पानी जुगाड़ करते।

चौसला. घरों में शौचालय का निर्माण तो करवा लिया, लेकिन गर्मी के दिनों में पानी की समस्या होने के कारण यह उपयोगी नहीं रहे है। मजबूरन ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने गुहार लगाई है कि एसे में स्वच्छ भारत मिशन अभियान के लिए गांवों में जगाई स्वच्छता की अलख कैसे पूरी होगी। ग्रामीणों ने जागरूकता दिखाते हुए घरों में शौचालय बनाए लेकिन गर्मी के दिनों में बिना पानी के इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
सप्ताह में एक बार मिलता पानी

ग्रामीणों ने बताया कि कस्बे सहित आस-पास की ग्राम पंचायतों के गांवों में कुछ लोगों को छोडक़र सभी ने शौचालय बना लिए है। करीब डेढ़ साल पहले ओडीएफ हुई पंचायत के गांवों में बीसलपुर परियोजना के तहत पानी मिलता है। योजना की पाइप लाइन से प्रत्येक मोहल्ले में जगह-जगह प्वाइंट दे रखे हैं, लेकिन कस्बे के कई समाजकंटकों ने बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन लेने के कारण इन प्वाइंट में पानी नहीं पहुंच रहा है। स्थिति यह है कि एक घर को पांच से सात दिन में एक बार पानी मिलता है। कस्बे में छह सार्वजनिक कुए और एक हैडपंप है, लेकिन ये जवाब दे गए है। इस कारण लोगों को दूरदराज के कुओं या बीसलपुर की पाइप लाइन में लगे एयर वॉल्व से बूंद-बूंद पानी लाना पड़ रहा है। प्रभावशाली लोग 500 से 700 रुपए एक पखवाड़़े में खर्च कर टेंकर से पानी मंगवाकर पी रहे है।

यहां भी पानी का टोटा

नावां पंचायत समिति की दूसरी और तीसरी ओडीएफ ग्राम पंचायत के बावना का बेरा, भाटीपुरा, लाखनपुरा, लूणवां गौरवपुरा, लोहराण के वार्ड नौ में पानी का टोटा है। यहां भी बीसलपुर परियोजना के तहत पाइप लाइन निकली हुई है, लेकिन पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है। उधर सिरसी और गोविन्दी मारवाड़ ओडीएफ ग्राम पंचायत व गांव में भी यही
हाल है।

इनका कहना है

ग्राम पंचायत में लगभग सभी ने शौचालयों का निर्माण करवा लिया है, लेकिन पानी की कमी के कारण अधिकतर शौचालय काम नहीं आ रहे है इस बारे में सांसद, विधायक व अधिकारियों को अवगत करा दिया, लेकिन अभी तक बात नहीं बनी है।
चन्द्रीदेवी, उपसरपंच ग्राम पंचायत लूणवां