13 दिसंबर 2025,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खरीफ सीजन का असर… बंपर आवक के बाद मंडी में जिंसों के ढेर, व्यवस्था के लिए रखी छुट्टी

मेड़ता सिटी. बंपर आवक को लेकर पहचाने जाने वाली मेड़ता मंडी में दीपावली की छुट्टियों के बाद खरीफ सीजन की आवक परवान चढ़ने लगी है। पिछले 3 दिन में जब मंडी में 1 लाख कट्टों की आवक हुई तो व्यापार एवं उद्योग संघ को गुरुवार को अवकाश रखना पड़ा।

2 min read
Google source verification
nagaur nagaur news

मेड़ता सिटी. ट्रैक्टर में लोड किए गए कट्टे।

रिकॉर्ड 1 लाख कट्टों की आवक, रखना पड़ा अवकाश : सौ से अधिक ट्रकाें में लोड हुआ हजारों टन धान

मेड़ता सिटी. बंपर आवक को लेकर पहचाने जाने वाली मेड़ता मंडी में दीपावली की छुट्टियों के बाद खरीफ सीजन की आवक परवान चढ़ने लगी है। पिछले 3 दिन में जब मंडी में 1 लाख कट्टों की आवक हुई तो व्यापार एवं उद्योग संघ को गुरुवार को अवकाश रखना पड़ा। अवकाश के दिन मंडी से दिनभर में सौ से अधिक ट्रकों में हजारों टन धान लोड होकर प्रदेश के अन्य जिलों व बाहरी राज्यों में गया।

खरीफ फसल की कटाई के बाद रबी सीजन को लेकर बुवाई में लगे काश्तकारों ने जब चना सहित फसलों की बुवाई पूरी की तो अब खरीफ की ग्वार, मूंग सहित उपज लेकर पहुंच रहे हैं। जिसके चलते दिवाली के बाद मंडी में आवक बढ़ी है। विगत 3 दिन में मंडी में 1 लाख कट्टों यानी 50 हजार क्विंटल कृषि जिंसों की आवक हुई। एक दिन पहले 40 हजार कट्टों की आवक मंडी में व्यवस्थाओं और माल के लदान को लेकर मंडी व्यापार एवं उद्योग संघ की ओर से गुरुवार को अवकाश रखा गया। यहां से ट्रकों, ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ियों पर कट्टे, बोरियां लोड करके स्थानीय मीलों सहित बाहरी राज्यों व प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भिजवाई गई। माल लोड होने के बाद अब शुक्रवार को मंडी में ढेरी बोली नीलामी का कार्य होगा।

एक दिन पहले पहुंचा 26 हजार कट्टा ग्वार

मंडी में बुधवार को खरीफ सीजन की बंपर आवक हुई। मंडी में 26 हजार कट्टे ग्वार के पहुंचे। वहीं मूंग की 10 हजार कट्टों की आवक हुई। इसी तरह जीरा, रायड़ा सहित 40 हजार कट्टों की आवक के बाद मंडी में चहुंओर अलग-अलग उपज की ढेरियां लग गई। अब गुरुवार के अवकाश के बाद शुक्रवार को फिर मंडी में बंपर आवक की उम्मीद जताई जा रही है।

ट्रकों से बाहर और ट्रैक्टर, बैलगाड़ी से स्थानीय मीलों में पहुंचा माल

अवकाश के चलते मंडी में पूरे दिन माल लोडिंग का कार्य हुआ। वाहनों की संख्या के अनुसार अलग-अलग प्वाइंटों पर ट्रकों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और बैलगाड़ियों में कट्टे, बोरियां लोड की गई। ट्रकों से प्रदेश के विभिन्न जिलों और राजस्थान से बाहर दिल्ली, कानपुर सहित अन्य राज्यों में गया। वहीं ट्रैक्टर ट्रॉलियों व बैलगाड़ियों से स्थानीय दाल मीलों, ग्वार गम इंडस्ट्रीज, जीरा प्रोसेसिंग यूनिट में माल भेजा गया। मंडी में दिनभर में 100 से अधिक ट्रक लोड हुए। लेकिन दिवाली के अवकाश को लेकर गए पल्लेदारों के अभी तक नहीं लौटने से लोडिंग में दिक्कतें हुई। दरअसल। बिहार राज्य के पल्लेदार अब मेड़ता आएंगे और स्थानीय पल्लेदार खेतों में लगे हुए हैं।

इधर... निर्णय : नवंबर व दिसंबर में प्रत्येक गुरुवार को रहेगा अवकाश

गुरुवार के अवकाश के दिन मेड़ता व्यापार एवं उद्योग संघ कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन हुआ। जिसमें मंडी प्रांगण छोटा होने, जिंसों की अधिक आवक होने व त्योहार के बाद मजदूर तथा ट्रकों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता नहीं होने की वजह से नवंबर व दिसंबर माह के प्रत्येक गुरुवार को खुली नीलामी के अवकाश रखने का निर्णय लिया गया। साथ ही बैंकिंग होलिडे के चलते द्वितीय व चतुर्थ शनिवार को भी मंडी में छुट्टी रखी जाएगी। वहीं सीजन में माल की अधिक आवक के मद्देनजर मंडी के दोनों गेट व वाहनों की निकासी के लिए पीछे का गेट खोलने।

तीन दिन में इस तरह हुई आवक

दिन आवक

4 नवंबर 35000

5 नवंबर 25000

6 नवंबर 40000

(आवक : कट्टों में)