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‘सुंदर घर हो सबका अपना’ नारा बना मजाक, 18 महीने बाद भी नहीं हट सका स्टे

आवेदकों से करोड़ों वसूले, जमीन पर अब भी सन्नाटा; हाउसिंग बोर्ड की लापरवाही उजागर, नागौर में हाउसिंग बोर्ड ने मकान देने का वादा कर दो साल पहले लिए थे आवेदन, अब तक सडक़ें भी नहीं बनी, अब पुराने हाउसिंग बोर्ड की बजाए नए में मकान बनाने की तैयारी

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Housing board bhumi

Housing board bhumi

नागौर. शहर के ताऊसर रोड हाउसिंग बोर्ड की जिस 27 बीघा जमीन पर हाउसिंग बोर्ड ने 188 मकान बनाकर देने का सपना दिखाकर लोगों से आवेदन लिए थे, उस जमीन पर करीब दो साल बाद भी मकान बनाना तो दूर कच्ची सडक़ें भी नहीं बन पाई हैं। इसकी वजह है जमीन पर हाईकोर्ट का स्टे। हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों की लचर कार्यशैली के चलते न तो समय पर हाईकोर्ट में ‘कैविएट’ याचिका लगाई जा सकी और न ही पिछले एक साल में स्टे वेकेंट करवाया जा सका।

उधर, मकान के लिए आवेदन करने वाले आवदेक हाउसिंग बोर्ड पर मकान देने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिसको देखते हुए हाउसिंग बोर्ड अधिकारियों ने गुपचुप तरीके से बालवा रोड स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग के 58 एवं अल्प आय वर्ग के 48 मकानों को मिलाकर 106 मकान बनाने की तैयारी कर ली है, ताकि आवेदकों को ताऊसर रोड की बजाए बालवा रोड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मकान दे सकें, लेकिन आवेदकों का कहना है कि उन्होंने ताऊसर रोड के लिए आवेदन किया था, इसलिए वे बालवा रोड कॉलोनी में मकान नहीं लेंगे। यदि हाउसिंग बोर्ड मकान नहीं दे पाएगा तो ब्याज सहित पैसा वापस लेंगे।

अपनी बात पर ‘खरे’ नहीं उतर पाए मंत्री खर्रा

जुलाई 2024 में ताऊसर रोड हाउसिंग बोर्ड की 27 बीघा जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के कुछ दिन बाद 28 जुलाई 2024 को यूडीएच मंत्री झाबरसिंह खर्रा नागौर दौरे पर आए थे, तब उन्होंने पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि शहर के ताऊसर रोड पर स्थित 27 बीघा जमीन पर हाउसिंग बोर्ड की योजना के तहत मकान आवंटित किए जाएंगे। मंत्री ने कहा था कि हाउसिंग बोर्ड की एक इंच जमीन किसी अतिक्रमी को नहीं लेने देंगे। उन्होंने कहा कि इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर मामला पहले सुप्रीम तक जा चुका है, इसलिए अब अतिक्रमी चाहे कहीं भी जाएं, उन्हें कुछ मिलने वाला नहीं है। मंत्री ने कहा था कि हाईकोर्ट का स्टे जयपुर जाते ही वेकेंट करवाएंगे, लेकिन 18 महीने बीतने के बावजूद स्टे वेकेंट नहीं हो पाया।

यह थी योजना

हाउसिंग बोर्ड ने ताऊसर रोड स्थित करीब 27 बीघा जमीन का सुप्रीम कोर्ट में केस जीतने के बाद मार्च-अप्रेल 2024 में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी अ व ब श्रेणी के मकानों के लिए आवेदन मांगे। इसमें कुल 188 मकानों के लिए आवेदन मांगे गए, जिनमें मध्यम आय वर्ग-अ के 58 एवं मध्यम आर्य वर्ग-ब के 24 मकानों सहित आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग के 58 एवं अल्प आय वर्ग के 48 मकानों का सपना दिखाया गया। हाउसिंग बोर्ड ने ‘मंडल का है यह सपना, सुंदर घर हो सबका अपना’ का स्लोगन दिया था। इस पर 1300 से अधिक आवेदन भरे गए थे, जिनसे हाउसिंग बोर्ड ने एक करोड़ से अधिक रुपए फीस के वसूले।

हाउसिंग बोर्ड ने जारी की विज्ञप्ति

डॉ. बीआर अम्बेडर आवासीय योजना में आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग के 58 आवास एवं अल्प आय वर्ग के 48 आवास मिलाकर कुल 106 आवास निर्माण के लिए गत एक अक्टूबर 2025 को निविदा सूचना जारी कर निविदाएं मांगी थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाउसिंग कॉलोनी में खाली पड़ी जमीन पर 106 मकान बनाने की तैयारी की जा रही है।

प्रोसेस चल रहा है

ताऊसर रोड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मकान बनाकर देने की योजना में जमीन पर कोर्ट का स्टे होने के कारण देरी हो रही है। हम प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द स्टे हटवाकर आवेदकों को मकान बनाकर दें। इसके साथ नए हाउसिंग बोर्ड में मकान बनाने को लेकर भी प्रोसेस चल रहा है, उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलने पर ही कुछ कह पाऊंगी।

- राज्यश्री कच्छवाहा, आवासीय अभियंता, नागौर