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सात साल से चल रहा था सट्टे का अवैध कारोबार, अब तक सैकड़ों युवा बर्बाद

क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा: 21 रजिस्टर, लैपटॉप व मोबाइल सहित दो गिरफ्तार, खुद का ट्रंप 24 ऐप इससे लगवाते थे सट्टा

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21 रजिस्टर, लैपटॉप व मोबाइल सहित दो गिरफ्तार

21 रजिस्टर, लैपटॉप व मोबाइल सहित दो गिरफ्तार

नागौर. कोतवाली थाना पुलिस व डीएसटी ने क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगवाने वाले गिरोह के खिलाफ मंगलवार रात को कार्रवाई कर ताऊसर रोड स्थित एक कॉम्प्लेक्स से जिन दो सटोरियों को गिरफ्तार किया, वे पिछले सात साल से यहां सट्टे का अवैध कारोबार चला रहे थे।

पुलिस ने आरोपियों से सट्टे के हिसाब-किताब से जुड़े 21 छोटे-बड़े रजिस्टर सहित काफी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें सैकड़ों लोगों के नाम और नम्बर लिखे हुए हैं।

पुलिस बुधवार को रजिस्टर और डायरी में लिखे हिसाब-किताब का आंकड़ा तैयार करने में जुटी रही। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सटोरियों ने खुद का ट्रंप 24 ऐप बना रखा है। उसके माध्यम से क्रिकेट पर सट्टा लगाने वाले लोगों को आईडी-पासवर्ड देते और फिर ऑनलाइन भुगतान से ही सट्टा लगाया जाता है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश कर पूछताछ के लिए एक मार्च तक रिमांड पर लिया है।

पूरी कमांड खुद के हाथ, चाहे जैसा करते

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रोल निवासी अशोक भाटी पुत्र नेमीचंद माली तथा चेनार निवासी हिम्मताराम पुत्र बस्तीराम गहलोत इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के माध्यम से विभिन्न लोगों को क्रिकेट मैच का भाव देकर क्रिकेट के संबंध में सूचनाएं आदान-प्रदान कर सट्टा लगवाते थे। पुलिस पूछताछ में उन्होंने बताया कि ये दोनों किसी बड़े बुकी से आईडी लेते हैं फिर सट्टा लगाने वाले को आईडी व पासवर्ड आगे देते हैं। पहले फोन पर खाईवाली व लगाईवाली होती थी, वहां अब सट्टा लगाने वालों को आईडी-पासवर्ड दे दिया जाता है और पूरा कारोबार ही ऑनलाइन है। खुद का ऐप होने से इस धंधे की पूरी कमांड इन्हीं के पास रहती है, वे जब चाहे आईडी डिलिट कर सकते हैं, ताकि यदि कोई ज्यादा पैसे जीत गया तो उसे पैसे नहीं देने पड़ते हैं। अशोक भाटी ने पुलिस को बताया कि ट्रंप 24 ऐप उसका स्वयं का है, जिससे वह आगे सट्टा लगाने के लिए लाइन देता है। उसने हैदराबाद निवासी राकेश, नागौर निवासी महिपाल, चेनार निवासी लोकेश एवं अन्य कई लोगों को लाइन दे रखी है।

रजिस्टरों की पड़ताल से खुलेंगे कई नाम

प्रकरण की जांच प्रशिक्षु आईपीएस अदिति उपाध्याय को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि आरोपियों से सट्टे के हिसाब-किताब से जुड़े 21 छोटे-बड़े रजिस्टर, 2 छोटी डायरी, 1 बिल बुक, 1 चेक बुक, 2 कैलकुलेटर, 1 वाई-फाई सेटअप बॉक्स, 1 कंप्यूटर सेट, 1 लैपटॉप, 3 एटीएम कार्ड और 4 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। रजिस्टरों में अलग-अलग तारीखों के सट्टा खेलने वालों के नाम एवं राशि लिखी हुई है तथा कुछ पेज अलग-अलग फाड़ कर रजिस्टरों में डाले गए हैं।

2019 से अब तक का हिसाब-किताब

रजिस्टरों में वर्ष 2019 से अब तक का हिसाब-किताब लिखा हुआ है, जिनकी जांच की जा रही है। दो डारियाें में एक वर्ष 2022 की तथा दूसरी वर्ष 2023 की है, उसमें भी क्रिकेट सट्टा खेलने वालों के नाम, राशि आदि का हिसाब लिखा हुआ है। केके टेक्नोलॉजिस की एक खाली बिल बुक भी मिली है। पुलिस को मौके से सुनील जांगिड़ के नाम से एक चैक बुक भी मिली है। पुलिस इन सबकी गहनता से जांच करेगी।

सटोरियों का बड़ा गिरोह

दोनों सटोरिये सूचना एवं संचार माध्यमों का दुरुपयोग करके अनुचित लाभ कमाने व दूसरे व्यक्तियों को हानि पहुंचाने के लिए लोगों को सट्टे का भाव बताकर उन्हें उत्प्रेरित करके रकम दांव पर लगवाते। इसमें अब तक कई युवक बर्बाद हो चुके हैं।