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Video : 20 हजार के चक्कर में गंवाई नौकरी, आबकारी विभाग के दोनों जमादार सस्पेंड

- गत दिनों अफीम तस्करी के सहयोग में हुए थे गिरफ्तार

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नागौर. भीलवाड़ा से तस्करी कर लाई गई अवैध अफीम को बेचने एवं लूटने में सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार आबकारी विभाग के दोनों जमादारों को विभाग ने निलम्बित कर दिया है। जिला आबकारी अधिकारी महेन्द्रसिंह शेखावत ने बताया कि गत दिनों सदर थाना पुलिस ने विभाग के जमादार रामशरण गुर्जर व गोविन्दसिंह को अफीम तस्करों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था, जिसके बाद दोनों के खिलाफ दुराचरण की रिपोर्ट बनाकर आगामी कार्रवाई के लिए आबकारी मुख्यालय को भेजी गई, जिस पर उच्चाधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए मंगलवार को दोनों के निलम्बन आदेश जारी कर दिए।

गौरतलब है कि आबकारी विभाग के जमादार 20-20 हजार रुपए में अफीम तस्करों की मदद करने के लिए तैयार हुए थे। जमादारों की मदद से अफीम तस्करों ने भीलवाड़ा से अफीम लाने वाले जमनालाल पुत्र जगनलाल को पुलिस कार्रवाई का डर बताकर अफीम लूट ली थी, जिसके बाद मामला बिगड़ गया और आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में आबकारी विभाग के जमादारों की मिलीभगत सामने आई थी, जिसके बाद सदर थानाधिकारी राकेश वर्मा ने उन्हें 20 जनवरी को गिरफ्तार कर गत 21 जनवरी को जेल भिजवाया था।

पांच की गिरफ्तारी अब भी बाकी
गौरतलब है कि अवैध मादक पदार्थों एवं तस्करों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गत 16 जनवरी को कोतवाली थानाधिकारी श्रवणदास ने कुम्हारी दरवाजा निवासी रामअवतार उर्फ राकेश उर्फ पिंटू तांडी पुत्र रमेश कुमार के कब्जे से 242 ग्राम अफीम जब्त कर उसे गिरफ्तार किया था, जिसकी जांच सदर थानाधिकारी राकेश वर्मा को सौंपी गई थी। वर्मा ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया, लेकिन पूरे मामले में कुल 12 आरोपियों को नामजद किया गया। इसमें से सुनील सेन, लोकेश जाट, हनुमान जाट, नारायण जाखड़ एवं शिवसिंह राजपूत को गिरफ्तार किया जाना अब भी शेष है।