
ऋणी कृषकों का बीमा लोन देने वाले बैंक द्वारा किया जा रहा है। वहीं गैर ऋणी कृषक बैंक, ईमित्र या बीमा कम्पनी के माध्यम से बीमा करवा सकते हैं। यही नहीं योजना में किसानों को कम प्रीमियम दर पर वास्तविक नुकसान की समय पर भरपाई का भी पूरा प्रावधान है। इसके बावजूद किसान अपने स्तर पर कम ही बीमा रहे हैं। हालांकि के्रडिटधारी और ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंकों या जीएसएस के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन इसमें भी काफी सुस्ती छाई हुई है। योजना के अन्तर्गत किसान को बीमा कम्पनी द्वारा खरीफ की फसल के लिए 2 फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिए सिर्फ डेढ़ फीसदी प्रीमियम देना होता है। योजना में शेष प्रीमियम राज्य सरकार व केन्द्र सरकार आधा-आधा वहन करती है।
ऐसे करवाएं बीमा
गैर ऋणी किसान नजदीकी ई मित्र पर जाकर फसल का बीमा करवा सकते हैं। र्ई मित्र पर किसानों का आवेदन नि:शुल्क जमा किया जाएगा। उन्हें सिर्फ प्रीमियम जमा करवानी है। प्रीमियम जमा करवाने के लिए किसानों को आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड नंबर, मोबाइल नम्बर, नवीनतम गिरदावरी की नकल, जमाबंदी की नकल और बचतखाता की पासबुक ले जानी होगी। के्रडिटधारी और ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंकों या जीएसएस के माध्यम से किया जा रहा है।
खुद करवा सकते है बीमा
फसल बीमा योजना बहुत अच्छी है। इससे किसान फसल में होने वाले नुकसान का पुनर्भरण प्राप्त कर सकते हैं। बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण लेते समय बीमा किया जा रहा है। किसान अपने स्तर पर भी बीमा करवा सकते हैं।
-भंवरलाल शर्मा, सहायक निदेशक, कृषि विभाग, कुचामनसिटी
Published on:
17 Apr 2017, 1:03 PM IST
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