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Video : नागौर में किसानों ने निकाली ट्रेक्टर रैली

एमएसपी गारंटी कानूने बनाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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Farmers took out tractor rally in Nagaur

Farmers took out tractor rally in Nagaur

नागौर जिला मुख्यालय पर सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत की ओर से एमएसपी गारंटी कानून बनाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर ट्रेक्टर रैली निकाली गई। ट्रेक्टर रैली शहर के पशु प्रदर्शनी स्थल से रवाना होकर मानासर चौराहा, कॉलेज रोड से होते हुए मूण्डवा चौराहा पहुंची। यहां से विजय वल्लभ चौक, डेह चौराहा, दरगाह रोड होते हुए माही दरवाजा, बख्तासागर, नया दरवाजा, पुराना हॉस्पिटल होते हुए कलक्ट्रेट चौराहा से सर्किट हाउस पहुंचकर सम्पन्न हुई। इससे पहले किसान प्रतिनिधियों ने एमएसपी गारंटी कानून लागू करने सहित करीब 10 मांगों को लेकर किसान प्रतिनिधियों ने जिला कलक्टर को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

गांवों से ट्रेक्टर लेकर पहुंचे किसान
नागौर शहर के पशु प्रदर्शनी स्थल पर गोगेलाव, गुडला, शिलगांव, ईनाणा, अलाय आदि गांवों से किसान अपने ट्रेक्टर तथा अन्य वाहन लेकर पहुंचे। यहां आयोजित किसान सभा को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष अर्जुनराम लोमरोड ने कहा कि किसान लंबे समय से एमएसपी गारंटी कानून बनाने की मांग कर रहे है। भारत सरकार ने पिछले आंदोलन के समय किसानों से वादा किया था कि एमएसपी गारंटी कानून पर एक कमेटी का गठन करेंगे और किसानों को एमएसपी का गारंटी कानून देंगे, लेकिन आज तक इस पर काम नहीं किया। सरकार की इसी वादाखिलाफी को लेकर देशभर के किसानों में रोष है। जाट समाज समन्वय समिति के अध्यक्ष डॉ. शंकरलाल जाखड़ ने भविष्य की खेती किसानी को लेकर चिंता व्यक्त की और युवाओं को अपने हक के लिए लड़ने का आह्वान किया। रिद्धकरण मेघवाल ने किसानों के आंदोलन, डब्लूटीओ और किसानों की मांग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। यूनियन के मीडिया प्रभारी रामपाल धोलिया ने किसानों को रूट की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा की जानकारी दी। अंत में मेहराम नगवाडिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

किसानों ने ज्ञापन में रखी ये मांगें
- किसानों की सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की खरीद की गारंटी दी जाए।
- नरेगा को कृषि से जोड़कर नरेगा मजदूरों को खेत में काम दिया जाए।
- किसान के प्रत्येक खेत में पानी स्टोरेज के लिए टांके का निर्माण किया जाए।
- तीन साल से छोटे बछड़ों पर राजस्थान से बाहर ले जाने की छूट दी जाए।
- नागौर जिले की मुख्य फसल कसूरी पान मैथी है। मूण्डवा में निर्माणाधीन मंडी शुरू करें, ताकि किसानों को पूरा भाव मिले। साथ ही पान मैथी को जीआई टैग दिया जाए।
- गोशाला की तर्ज पर सीधे किसानों को गाय पालने पर चारे के लिए अनुदान दिया जाए, ताकि किसान अपने घर पर अच्छी नस्ल की दुधारू गाय पाल सके।
- गाय और अन्य पशुओं के लिए पशु बीमा योजना योजना सुचारू रूप से शुरू की जाए।
- सोलर पंप, फार्म पॉन्ड और डिग्गी में सब्सिडी वास्तविक लागत की 90 प्रतिशत की जाए तथा जिले में लाभार्थी किसानों की संख्या भी बढ़ाई जाए। क्योंकि जिले के किसानों को लंबे समय तक इनके लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
- ड्रिप सिंचाई बहुत ही अच्छी योजना है, लेकिन सरकार द्वारा ड्रिप की कीमत कम तय कर रखी है। अतः अच्छी कंपनी की वास्तविक लागत का 90 प्रतिशत सब्सिडी की जाए।
- किसान क्रेडिट कार्ड बिना ब्याज उपलब्ध कराया जाए।

ये हुए शामिल

रैली में किसान मनीराम, पूर्व सरपंच नरसिंह रलिया, गोपालराम, कानाराम, मनोहर डूकिया तथा सहदेव, मेहराम धोलिया, खींवसर तहसील अध्यक्ष रामूराम गोदारा, नारायण बिडियासर, हरिराम जाखड़, रामप्रसाद, आईदानराम, रविंद्र, धर्माराम, गोविंद कड़वा, नवलाराम जांगू, दयालराम, सतपाल डूकिया, दिनेश, केसाराम, सुरेश भोबिया, अर्जुनराम इनानिया, प्रहलाद सहित कई किसान शामिल हुए।