
फसल बीमा पर आया बाजार की तेजी का असर
नागौर. बाजार में जीरे के भावों में आई तेजी का असर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर भी आया है। इस बार कृषि विभाग की ओर से जारी रबी- 2022-23 की अधिसूचना में जीरा सहित लगभग सभी फसलों की बीमित राशि बढ़ाई गई है। हालांकि पहले फसलों की बीमित राशि बहुत कम आंकने के कारण खराबा होने पर किसानों को क्लेम भी बहुत कम मिलता था, जिसको लेकर किसानों की यह मांग भी थी कि बीमित राशि बढ़ाई जाए। ताकि खराब होने पर क्लेम से किसानों को नुकसान की भरपाई हो सके। गौरतलब है कि वर्ष 2016-17 में जारी अधिसूचना में एक हैक्टेयर जीरा की बीमित राशि 41 हजार 726 रुपए निर्धारित की गई थी, जबकि इस बार यह राशि एक लाख, 7 हजार 884 रुपए तय की गई है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत भारत सरकार की ओर से वर्ष 2016 में किसानों को होने वाले असंभावित नुकसान की क्षतिपूर्ति कर संबल प्रदान करने के लिए लागू की गई थी। इसे फरवरी 2020 में पुनर्निर्मित किया गया तथा खरीफ 2020 से लागू किया गया। पहले जहां ऋणी किसानों के लिए बीमा कराना अनिवार्य था, वहां खरीफ 2020 से यह योजना सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक कर दी गई एवं साथ ही अधिसूचित स्तर भी तहसील एवं पटवार हल्का किया गया।
फललवार बीमित राशि व प्रीमियम दर
अधिसूचित फसल - बीमित राशि - कृषक अंश - प्रीमियम दर
जौ - 38,982 - 584.73 - 1.5
चना - 50,623 - 759.35 - 1.5
जीरा - 1,07,884 - 5,394.20 - 5
ईसबगोल - 64,091 - 3,204.55 - 5
मैथी - 34,102 - 1705.10 - 5
सरसों - 53,457 - 801.86 - 1.5
तारामीरा - 20,953 - 314.30 - 1.5
गेहूं - 50,941 - 764.12 - 1.5
इस बार भी रिलायंस जनरल इंश्योरेंश कम्पनी करेगी बीमा
रबी 2022-23 के लिए नागौर जिले में फसल बीमा के लिए अधिसूचित फसलों का बीमा कम्पनी रिलायन्स जनरल इंश्योरेंश कम्पनी लिमिटेड है, जिसका टॉल फ्री नम्बर 1800-102-4088 है। ऋणी किसानों का बीमा संबंधित वित्तीय संस्थान कीर ओर से किया जाता है। यदि कृषक योजना में भाग नहीं लेना चाहता है तो रबी 2022-23 के लिए अपने वित्तीय संस्थान को अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2022 से 7 दिन पूर्व यानी 24 दिसम्बर तक सूचना देकर बीमा से वंचित हो सकता है। सूचना न देने वाले कृषकों का बीमा वित्तीय संस्थान की ओर से स्वत: किया जाएगा। ऋणी कृषक यदि अपने फसल में परिर्वतन करना चाहे तो इसकी सूचना भी वित्तीय संस्थान को अंतिम तिथि से 2 दिन पूर्व तक देनी होगी।
इसी प्रकार गैर ऋणी कृषक भी योजना में अपनी फसल का बीमा वित्तीय संस्थान, जन सेवा केन्द्र, राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल या बीमा एजेण्ट के माध्यम से अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2022 तक निश्चित प्रीमियम देकर करवा सकते हैं, जिसके लिए कृषक का आधार कार्ड, बैंक पासबुक, नवीनतम जमाबन्दी नकल एवं बुआई प्रमाण पत्र आवश्यक है।
जानिए, योजना के अन्तर्गत क्या-क्या है जोखिम कवर
Published on:
18 Dec 2022 10:50 am
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